Edited By Radhika,Updated: 30 Mar, 2026 04:39 PM

भारत सरकार के गृह मंत्रालय के तहत आने वाली साइबर विंग 'I4C' ने देश में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है। साल 2025 से अब तक चली इस सघन कार्रवाई में अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे हजारों व्हाट्सएप अकाउंट्स,...
नेशनल डेस्क : भारत सरकार के गृह मंत्रालय के तहत आने वाली साइबर विंग 'I4C' ने देश में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है। साल 2025 से अब तक चली इस सघन कार्रवाई में अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे हजारों व्हाट्सएप अकाउंट्स, सिम कार्ड और मोबाइल डिवाइसेस को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया गया है।
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व्हाट्सएप और स्काइप पर बड़ी कार्रवाई
साइबर ठग अक्सर व्हाट्सएप और स्काइप जैसे प्लेटफॉर्म्स का सहारा लेकर लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। I4C ने इस नेटवर्क को तोड़ते हुए 83,867 व्हाट्सएप अकाउंट और 3,962 स्काइप आईडी को ब्लॉक कर दिया है। इसके साथ ही, ठगी के उद्देश्य से तैयार किए गए 827 मोबाइल ऐप्स को भी पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
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सिम कार्ड और IMEI नंबरों पर शिकंजा
दूरसंचार विभाग और टेलीकॉम कंपनियों के साथ मिलकर गृह मंत्रालय ने 8.45 लाख संदिग्ध सिम कार्ड को बंद कर दिया है। तकनीकी स्तर पर अपराधियों को रोकने के लिए 2.39 लाख मोबाइल IMEI नंबरों को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है, जिसका अर्थ है कि अब उन मोबाइल हैंडसेट्स का उपयोग किसी भी नेटवर्क पर नहीं किया जा सकेगा।
सहयोग पोर्टल से हटा संदिग्ध कंटेंट
डिजिटल सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए Sahyog Portal की मदद से इंटरनेट पर मौजूद 1,11,185 संदिग्ध और आपत्तिजनक सामग्रियों को हटाया गया है। मंत्रालय अब उन गिरोहों की पहचान करने में जुटा है जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड और अकाउंट्स ऑपरेट कर रहे थे। इस बड़ी कार्रवाई से साइबर अपराधियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है और आम नागरिकों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचाने के लिए मंत्रालय लगातार अपनी निगरानी बढ़ा रहा है।