भारत के लिए प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने का समय

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Sunday, November 26, 2017-6:23 PM

नई दिल्ली : वैश्विक रेटिंग एजैंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स (एस. एंड पी.) के अनुसार कम प्रति व्यक्ति आय भारत की आर्थिक वृद्धि की राह में बड़ा रोड़ा बन गया है और उसने इसे देश की रेटिंग नहीं बढ़ाए जाने की मुख्य वजह बताया है।

रेटिंग एजैंसी मूडीज इन्वैस्टर्स सर्विस ने सप्ताह भर पहले ही भारत की रेटिंग बढ़ा दी थी लेकिन एस. एंड पी. ने इस रेटिंग को सबसे निचली निवेश श्रेणी ‘बीबीबी-’ पर ही स्थिर रखा है। उसने बड़े राजकोषीय घाटा, सरकार पर भारी कर्ज और कम प्रति व्यक्ति आय को इसकी वजह बताया है।

भारत की रेटिंग निम्न संपत्ति स्तर की वजह से रुकी
एस. एंड पी. ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत की रेटिंग निम्न संपत्ति स्तर की वजह से रुकी हुई है जिसकी गणना प्रति व्यक्ति आय के आधार पर की जाती है। हमारे आकलन के हिसाब से यह 2017 में 2000 डॉलर के आस-पास रहा जो हमारे द्वारा रेटिंग किए जाने वाले निवेश योग्य देशों में सबसे कम है।’’

भारत की प्रति व्यक्ति आय 1948.69 डॉलर
एस.एंड पी. के अनुसार भारत की प्रति व्यक्ति आय 1948.69 डॉलर है। चीन की प्रति व्यक्ति आय 8876.84 डॉलर, रूस की 10478.74 डॉलर, ब्राजील की 9867.03 डॉलर और दक्षिण अफ्रीका की प्रति व्यक्ति आय 6129.64 डॉलर है।

जाने माने बैंकर उदय कोटक ने भी देश की प्रति व्यक्ति आय के कम स्तर को सुधारने पर जोर दिया। उन्होंने हाल ही में ट्वीट कर कहा, ‘‘समय आ गया है कि भारत गति पकड़े। 1800 डॉलर की प्रति व्यक्ति आय से चीन के मौजूदा स्तर 8500 डॉलर तक, हमें 20 साल तक प्रति व्यक्ति आय में 8 से 9 प्रतिशत की दर से वृद्धि की जरूरत है।’’

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