कॉल ड्राप: मोबाइल कंपनियों को सरकार की लास्ट वार्निंग

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Friday, November 04, 2016-11:09 AM

नई दिल्ली: अभी तक यह माना जाता था कि देश में मोबाइल टावरों की संख्या कम होने की वजह से कॉल ड्रॉप की प्रॉब्लम हो रही है। लिहाजा सरकार ने मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर्ज कंपनियों को एक लाख मोबाइल टावर लगाने का निर्देश दिया था। टावर निर्धारित लक्ष्य से पहले लगा दिए गए लेकिन कॉल ड्रॉप की समस्या से कस्टमर्स को निजात नहीं मिली।

इस मुद्दे पर कम्युनिकेशन मिनिस्टर मनोज सिन्हा ने मोबाइल कंपनियों की जम कर क्लास ली और लास्ट वार्निंग या यह कह लें कि धमकी दी कि अगर कॉल ड्रॉप प्रॉब्लम का सोल्यूशन नहीं हुआ तो कंपनियों के खिलाफ अन्य कार्रवाई करने में कोई हिचक नहीं होगी।

वैसे बैठक की एक खास बात यह रही कि रिलायंस जिओ की तरफ  से अन्य मोबाइल कंपनियों पर कॉल कनैक्ट नहीं कराने के गंभीर आरोप भी लगाए गए। रिलायंस जिओ के अधिकारियों ने सिन्हा को बताया कि 8 जुलाई से 28 अक्तूबर, 2016 के बीच दूसरी मोबाइल कंपनियों की तरफ  से कनैक्शन नहीं दिए जाने की वजह से 740 करोड कॉल ड्रॉप हुए हैं। इस वजह से कंपनी सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को आगे नहीं बढ़ा पा रही है।

सिन्हा और मोबाइल कंपनियों की बैठक हंगामेदार रही
सोर्स के अनुसार,‘‘सिन्हा और मोबाइल कंपनियों के बीच हुई बैठक खासी हंगामेदार रही। सिन्हा ने बाद में बताया कि कॉल ड्रॉप की समस्या के बारे में सीधे बताने के लिए एक नया प्लेटफार्म बनाया जा रहा है जहां कस्टमर अपनी प्रॉब्लम के बारे में बता सकेंगे। इससे कंपनियों पर पै्रशर बनाने में आसानी होगी।’’ 

बैठक में मनोज ने कंपनियों से पूछा कि अभी तक वे टावर नहीं होने का बहाना बनाती थीं लेकिन अब तो टावर भी लग गए, फिर काल ड्रॉप क्यों हो रहे हैं। सिन्हा ने कहा कि जब आप अपनी ब्रांर्डिंग के लिए अरबों रुपए के विज्ञापन दे सकते हैं तो फिर अपने ही बिजनैस से जुड़े मुद्दों के बारे में अवेयरनैस फैलाने वाले विज्ञापन क्यों नहीं दिखा सकते।


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