राशि के अनुसार जानिए दशहरे पर क्या करें और क्या न करें

You Are HereMantra Bhajan Arti
Friday, September 29, 2017-2:45 PM

देवी अपराजिता का एक नाम विजया भी है इसलिए दशहरा को विजयादशमी कहते हैं। यह आश्विन शुक्ल दशमी को मनाया जाने वाला पर्व है। शास्त्रनुसार विजयदशमी पर शस्त्र-पूजा का विधान है। यह पर्व श्रीराम की विजय और नवरात्र की पूर्णाहुति के उपलक्ष में भी मनाया जाता है। दशहरा पर्व दस प्रकार के पापों का शमन करता है। इस दिन सर्वकार्य सिद्धिदायक 'विजय' नामक मुहूर्त होता है। दशहरा के विशेष पूजन से दुर्भाग्य व दुर्घटना से सुरक्षा मिलती है तथा सौभाग्य व सुरक्षा मिलती है। क्या दुर्भाग्य आपका कभी पीछा नहीं छोड़ता जिससे हर काम में अड़चनें आती हैं। क्या आप हर क्षेत्र में जीत पाना चाहते हैं तो राशि अनुसार यह विशेष उपाय और टोटके करके आप भी पा सकते हैं सफलता।


दुर्भाग्य से मुक्ति पाने के लिए विशेष उपाय: भोजपत्र पर अनार की कलम व अष्टगंध से "दुर्भाग्य" लिखकर राम मंदिर में चढ़ाएं। सामाग्री चढ़ाते समय ॥ ॐ त्रिविक्रमाय नमः ॥ का जाप करें। ये उपाय मध्यकाल शुभ मुहूर्त में करें। राम कृपा से दुर्भाग्य से मुक्ति मिलेगी।

 

हर जगह विजय हेतु विशेष उपाय: देवी पूजन कर उन पर 10 फल चढ़ाकर गरीबों में बाटें॥ सामाग्री चढ़ाते समय "ॐ विजयायै नमः" का जाप करें। ये उपाय मध्यान शुभमहूर्त में करें। निश्चित ही हर क्षेत्र में विजय मिलेगी।


राशि अनुसार जानिए विजयादशमी के दिन क्या करें, क्या न करें 


मेष- करें: श्रीराम का पूजन करें ॥ ॐ रामभद्राय नमः ॥ मंत्र का जाप करें। 
मेष- न करें: रामदरबार पूजन में गुलाब के फूल न चढ़ाएं। 


वृष- करें: हनुमान जी का पूजन करें ॥ ॐ आञ्जनेयाय नमः ॥ मंत्र का जाप करें। 
वृष- न करें: हनुमान पूजन में गुड़ का भोग न लगाएं। 


मिथुन- करें: राम दरबार पर बेसन के लड्डू चढ़ाएं। 
मिथुन- न करें: विजयदशमी पूजन में पीले फूल न चढ़ाएं। 


कर्क- करें: श्री सीता-राम को पान खिलाएं।
कर्क- न करें: विजयदशमी पूजन में तेल का दीपक न जलाएं।


सिंह- करें: श्रीराम पूजन कर "ॐ जनार्दनाय नमः" मंत्र का जाप करें।
सिंह- न करें: विजयदशमी पूजन में श्वेत चंदन उपयोग में न लें।


कन्या-करें: हनुमान पूजन कर "ॐ शर्वाय नमः" मंत्र का जाप करें।
कन्या- न करें: हनुमान पूजन में केले न चढ़ाएं।


तुला- करें: राम दरबार पर शहद चढ़ाएं। 
तुला- न करें: विजयदशमी पूजन में पीतल के पात्र उपयोग में न लें।


वृश्चिक- करें: हनुमान जी पर चमेली का इत्र चढ़ाएं। 
वृश्चिक- न करें: विजयदशमी पूजन में चंदन धुप न जलाएं। 


धनु- करें: तुलसीपत्र हाथ में लेकर ॥ ॐ दान्ताय नमः ॥ का जाप करें।  
धनु- न करें: विजयदशमी पूजन में कांसे के पात्र उपयोग में न लें। 


मकर- करें: श्री सीता-राम पर मौली चढ़ाएं। 
मकर- न करें: विजयदशमी पूजन में रोली उपयोग में न लें। 


कुंभ- करें: हनुमान मंत्र ॥ ॐ वायुपुत्राय नमः ॥ का जाप करें। 
कुंभ- न करें: हनुमान पूजन में मावे से बने मिष्ठान न चढ़ाएं। 


मीन- करें: रामदरबार पर मेहंदी चढ़ाएं। 
मीन- न करें:  हरे आसन पर बैठकर विजयदशमी पूजन न करें। 

आचार्य कमल नंदलाल
ईमेल: kamal.nandlal@gmail.com

 

Edited by:Aacharya Kamal Nandlal
यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!

Recommended For You