GST: छोटे एक्सपोर्टर्स पर बड़ी मार, 50 हजार करोड़ रुपया फंसा

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Tuesday, November 28, 2017-11:58 AM

नई दिल्लीः 1 जुलाई से लागू हुए जीएसटी ने देश में खलबली सी मची रखी है। कई कारोबारियों को जहां इससे थोड़ी राहत मिली है वहीं छोटे कारोबारिंयों के लिए ये मुश्किल बनता जा रहा है। जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) से देश के छोटे एक्सपोर्टर्स पर बड़ी मार पड़ रही है। सरकार की ओर से हो रही जीएसटी रिफंड में देरी से उनके करीब 50 हजार करोड़ रुपए फंस गए है।

एक्सपोटर्स न तो नए आर्डर ले पा रहे हैं और न ही पुराने ऑर्डर्स की डिलिवरी कर कर पा रहे हैं। वित्तमंत्री भले ही भरोसा दिला चुके हों कि एक्सपोर्टर्स की रिफंड की परेशानी जल्द दूर की जाएगी, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। ज्यादा देर की गई तो एक्सपोर्टर्स के साथ साथ देश के एक्सपोर्ट सेक्टर को भी तगड़ा झटका लगेगा।

कहां आ रही परेशानी 
एक्सपोर्ट पर जी.एस.टी. तो चुका दिया मगर रिफंड लटक गया असली परेशानी यहीं से शुरु हो रही है। शादी का सीजन शुरू होने वाला है वहीं, क्रिसमस, न्यू ईयर, जैसे फेस्टिवल भी आ रहे हैं। कमाई का अच्छा मौका है लेकिन बिना पैसे के विश्वनाथ ना नए आर्डर ले पा रहे हैं और न ही पुराने ऑर्डर्स की डिलिवरी कर पा रहे हैं।

देश के 10 हजार से अधिक छोटे-बड़े एक्सपोर्टर्स हैं जिनका करीब 50 हजार करोड़ रुपया फंसा हुआ है। टैक्स रिफंड ना मिल पाने से उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि वो करें तो क्या,यहां तक कि बाहर जाने वाले शिपमेंट भी बिना पैसों के फंसे हुए हैं।
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व्यापार घाटा 35 महीने की ऊंचाई पर
आंकड़ों पर गौर करें तो जुलाई माह के लिए एक्सपोर्टर्स ने करीब 750 करोड़ रुपए क्लेम किए जबकि एक्सपोर्टर्स को मिले सिर्फ 350 करोड़ रुपए। अब देश के एक्सपोर्ट सेक्टर के बुरे हाल पर भी नजर डाल लीजिए देश का एक्सपोर्ट 14 महीने में पहली बार कम हुआ है। व्यापार घाटा 35 महीने की ऊंचाई पर है।

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