नोट बैन पर रोक लगाने से SC का इंकार, इंतजामों पर सरकार से मांगा जवाब

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Tuesday, November 15, 2016-3:50 PM

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने नोटबंदी मामले में केंद्र सरकार को बड़ी राहत देते हुए फैसले पर रोक लगाने से आज इंकार कर दिया।  मुख्य न्यायाधीश टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने नोटबंदी के फैसले के खिलाफ चार जनहित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान कहा कि वह आर्थिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगी।  हालांकि न्यायालय ने एटर्नी जनरल मुकुल रोहतगी के माध्यम से केंद्र सरकार को सुनवाई की अगली तारीख 25 नवंबर तक यह बताने का निर्देश दिया कि वह (सरकार) लोगों की असुविधाओं से निपटने के लिए क्या कर रही है? 

कालेधन पर सर्जिकल स्ट्राइक
मामले की सुनवाई के दौरान रोहतगी ने कहा कि सरकार ने काले धन पर सर्जिकल स्ट्राइक की है जिससे न केवल देश में छिपा काला धन बाहर आयेगा बल्कि ऐसे धन के आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल पर अंकुश लगेगा। उन्होंने दलील दी कि काला धन देश और इसकी अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर रहा है। पिछले कुछ दिनों में विभिन्न बैंकों में तीन लाख करोड़ रुपये जमा हुए हैं और ऐसी उम्मीद की जा रही है कि 30 दिसंबर तक 11 लाख करोड़ रुपए जमा होंगे।   

केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पैरवी की। सिब्बल ने भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम के तहत केंद्र सरकार के इस फैसले की संवैधानिकता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से देश में लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने कहा कि वह सरकार के आर्थिक मामलों में दखल नहीं देगा, लेकिन इससे लोगों को होने वाली असुविधाओं से संबंधित व्यापक पहलुओं की समीक्षा करेगा। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी।

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