आदिवासी अधिकारों की बुलंद आवाज थी महाश्वेता देवी, गूगल ने डूडल बना किया याद

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Sunday, January 14, 2018-12:11 PM

नई दिल्ली: पिछड़ों और वंचितों के हक के लिए लड़ने वाली साहित्यकार महाश्वेता देवी के जन्मदिन पर गूगल ने उन्हें डूडल के जरिये सम्मान दिया है। महाश्वेता देवी ने पूरी जिंदगी लेखन के साथ महिलाओं, दलितों और आदिवासियों के अधिकारों के लिए जमीन पर संघर्ष करती रहीं। गूगल द्वारा पेश डूडल में बंगाली शैली में साड़ी पहने महाश्वेता देवी कुछ लिखती नजर आ रही हैं। डूडल में उनके पीछे अलग-अलग सभ्यता, संस्कृति, भाषा, परिवेश के लोगों का चेहरा नजर आ रहा है।
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यह इस बात को इंगित करता है कि महाश्वेता देवी ना सिर्फ अपनी लेखनी में बल्कि धरातल पर भी पूरी जिंदगी समाज के हर तबके के लिए संघर्ष करती रहीं। महाश्वेता देवी का जन्म 14 जनवरी 1926 को अविभाजित भारत के ढाका में हुआ था। महाश्वेता देवी ने 1936 से 1938 तक शांतिनिकेतन में शिक्षा हासिल की थी। उन्हें साहित्य अकादेमी पुरस्कार, ज्ञानपीठ पुरस्कार और रोमन मैगसेसे पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।

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