Edited By ,Updated: 22 Sep, 2026 02:59 AM

उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में 3 मई, 2023 को ‘मेइती’ समुदाय को एस.टी. का दर्जा दिए जाने के हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध ‘कुकी’ समुदाय द्वारा समर्थित ‘आदिवासी छात्र संघ’ द्वारा निकाले गए ‘एकजुटता मार्च’ के बाद राज्य में भड़की हिंसा अभी तक थमी नहीं है।
उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में 3 मई, 2023 को ‘मेइती’ समुदाय को एस.टी. का दर्जा दिए जाने के हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध ‘कुकी’ समुदाय द्वारा समर्थित ‘आदिवासी छात्र संघ’ द्वारा निकाले गए ‘एकजुटता मार्च’ के बाद राज्य में भड़की हिंसा अभी तक थमी नहीं है। हिंसा पर नियंत्रण पाने में विफल रहने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री ‘एन. बीरेन सिंह’ (भाजपा) द्वारा 9 फरवरी, 2025 को पद से त्यागपत्र देने के बाद 13 फरवरी को राज्य में राष्ट्रपति राज लगा कर राज्यपाल ‘अजय भल्ला’ को राज्य की कमान सौंपी गई और फिर 4 फरवरी, 2026 को ‘युमनाम खेमचंद सिंह’ (भाजपा) को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद भी हिंसा जारी है जिसकी इसी महीने की चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
* 1 सितम्बर को ‘कुकी’ बहुल ‘कांगपोकपी’ जिले के ‘ताईखांग’ गांव में 2 महिलाओं सहित 3 कुकी नागरिकों की हत्या कर दी गई और 4 अन्य लोगों को घायल कर दिया गया। इस घटना में 10 मकानों को आग भी लगा दी गई।
* 2 सितम्बर को ‘कांगपोकपी’ जिले में ही भड़की हिंसा में 25 और मकानों को आग लगा दी गई।
* 4 सितम्बर को ‘इम्फाल ईस्ट’ जिले के ‘लमलाई’ इलाके में उग्रवादियों ने एक व्यक्ति की गोली मार कर हत्या कर दी।
* 7 सितम्बर को सेना ने ‘चुराचांदपुर’ जिले के ‘दक्षिण थीजिंग’ में लगभग 10 किलो आई.ई.डी. (विस्फोटक) बरामद करके नष्टï किया।
* 13 सितम्बर को ‘तामेंगलोंग’ जिले के ‘कुकी’ बहुल गांव ‘टोल्सेन’ में 2 महिलाओं समेत 4 लोगों की हत्या कर दी गई।
* 15 सितम्बर को ‘तामेंगलोंग’ के ‘जिरीबाम’ में भड़की हिंसा में 2 महिलाओं की हत्या कर दी गई तथा कई फार्म हाऊस जला दिए गए।
* 16 सितम्बर को उक्त घटना के विरुद्ध ‘नागा’ गांव ‘चावांगनिंग’ पर उग्रवादियों के हमले में बड़ी संख्या में आधुनिक हथियारों से लैस हमलावरों तथा सी.आर.पी.एफ. में गोलीबारी में 2 मकान जला दिए गए।
* 20 सितम्बर को ‘कांगपोकपी’ जिले में सुरक्षा बलों द्वारा 6 ग्रामीणों को गिरफ्तार किए जाने के विरुद्ध ‘कुकी’ समुदाय के कुछ लोगों ने हिंसक प्रदर्शन किए जिसके दौरान सड़कों पर पथराव और आगजनी के बीच आक्रोषित लोगों ने ‘इम्फाल’ से ‘दीमापुर’ जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के कुछ हिस्से को भी खोद डाला।
* ...और अब 21 सितम्बर को ‘तामेंलोंग’ जिले में उग्रवादियों ने एक ‘नागा’ किशोर की हत्या कर दी।
अब तक तो यह विवाद ‘मेइती’ और ‘कुकी’ समुदायों के बीच ही था परन्तु ‘नागा’ गांवों पर हमलों और गोलीबारी की घटनाओं के बाद से ‘कुकी’ और ‘नागा’ समुदायों के बीच भी तनाव बढ़ गया है। अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष फरवरी में ‘नागा’ और ‘कुकी’ समुदायों, के बीच हिंसक झड़पें शुरू होने के बाद से दोनों समुदायों के 40 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं जबकि हाल ही में कई ‘नागा’ गांवों में गोलीबारी के बाद 30 मकानों व अन्य संपत्तियों में आग लगा दी गई। मणिपुर के गृहमंत्री ‘गोविंदराम कौंथोजम’ ने गत 3 सितम्बर, 2026 को राज्य विधानसभा में बताया कि राज्य में जारी जातीय हिंसा में अब तक 306 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 49 लोग अब भी लापता हैं।
‘कुकी’ संगठनों के अनुसार ‘नागा’ उग्रवादियों ने ‘कुकी’ समुदाय तक पहुंचने वाले कई रास्तों की आर्थिक नाकेबंदी कर दी है जिससे वहां आवश्यक वस्तुओं की कमी पैदा हो गई है। प्रभावित जिलों में कई दिनों से स्कूल-बाजार बंद हैं और यहां तक कि मैडीकल एमरजैंसी की सहायता भी नहीं मिल रही है। राज्य का 7 पहाड़ी जिलों से सम्पर्क कट चुका है। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस सीमावर्ती राज्य में जारी हिंसा के कारण राज्य के लोगों की सुरक्षा और सम्पत्ति ही नहीं बल्कि देश की एकता और अखंडता भी दाव पर लगी हुई है। अत: केंद्र सरकार जितनी जल्दी यह समस्या सुलझा लेगी, उतना ही अच्छा होगा। पिछले 40 महीनों से अधिक समय से इस अशांत राज्य के लोग शांति के इंतजार में हैं।—विजय कुमार