Edited By Anu Malhotra,Updated: 22 Sep, 2026 09:55 AM

खाने-पीने की चीज़ों के बाद अब बाजार में मिलने वाले पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स को खरीदना और भी आसान और पारदर्शी हो जाएगा। दरअसल, केंद्र सरकार ने पैकेजिंग नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए अब साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट और कॉस्मेटिक्स जैसी रोजमर्रा की चीज़ों पर...
नई दिल्ली: खाने-पीने की चीज़ों के बाद अब बाजार में मिलने वाले पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स को खरीदना और भी आसान और पारदर्शी हो जाएगा। दरअसल, केंद्र सरकार ने पैकेजिंग नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए अब साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट और कॉस्मेटिक्स जैसी रोजमर्रा की चीज़ों पर भी शाकाहारी (Veg) और मांसाहारी (Non-Veg) का निशान लगाना अनिवार्य कर दिया है। केंद्र सरकार ने इन प्रोडक्ट्स के लिए लेबलिंग की ज़रूरतों को तय करने के लिए 'लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज़) रूल्स, 2011' में बदलाव किया है।
यह बदलाव सोमवार से लागू हो गया है।
बदले हुए नियमों के तहत, पूरी तरह शाकाहारी सामग्री से बने प्रोडक्ट्स पर हरा बिंदु लगाना अनिवार्य होगा। अगर किसी प्रोडक्ट में जानवर से जुड़ा कोई भी तत्व (Animal-derived ingredients) मौजूद है, तो उस पर लाल या भूरा बिंदु दिखेगा। इतना ही नहीं यह निशान प्रोडक्ट के मुख्य डिस्प्ले पैनल पर सबसे ऊपर की तरफ लगाना होगा, ताकि ग्राहक सामान खरीदते समय पहली ही नज़र में पहचान सकें।
किन-किन चीज़ों पर लागू होगा नियम?
इस नोटिफिकेशन में खास तौर पर साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, दूसरे कॉस्मेटिक्स और टॉयलेटरीज़ को शामिल किया गया है। जैसे कि...
-टूथपेस्ट और माउथवॉश
-नहाने के साबुन और बॉडी वॉश
-शैम्पू, कंडीशनर और हेयर ऑयल
-स्किन क्रीम, मेकअप और अन्य कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स
गौरतलब है कि अब तक भोजन पर हरा और लाल निशान देखना आम बात थी, लेकिन टॉयलेटरीज़ और कॉस्मेटिक्स पर सामग्री को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति बनी रहती थी। कई साबुन और टूथपेस्ट में एनिमल फैट या अन्य नॉन-वेज डेरिवेटिव्स इस्तेमाल होते हैं। इस फैसले से उन ग्राहकों को राहत मिलेगी।