UPI MDR पर वित्त मंत्री का बयान, कहा- ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त बोझ

Edited By Updated: 22 Sep, 2026 10:59 AM

finance minister s statement on upi mdr no additional burden on customers

UPI पेमेंट पर लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार का रुख साफ किया है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किय कि नए MDR नियमों का बोझ आम ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा। ग्राहक पहले की तरह बिना...

नई दिल्लीः UPI पेमेंट पर लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार का रुख साफ किया है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किय कि नए MDR नियमों का बोझ आम ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा। ग्राहक पहले की तरह बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के यूपीआई से भुगतान कर सकेंगे।

वित्त मंत्री के मुताबिक MDR को लेकर लोगों के बीच गलतफहमी पैदा की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह कोई टैक्स या सेस नहीं है और इससे मिलने वाला पैसा केंद्र सरकार के खाते में नहीं जाएगा। यह पेमेंट सिस्टम से जुड़े सर्विसेस प्रोवाइडर्स के बीच लगने वाला चार्ज है, जिसका इस्तेमाल सिस्टम को बेहतर बनाने और सेवाओं में सुधार के लिए किया जाता है।

2,000 रुपए तक के UPI पेमेंट पर MDR नहीं

नए नियमों के तहत 2,000 रुपए तक के मर्चेंट UPI लेन-देन पर MDR लागू नहीं होगा। वहीं, 2,000 रुपए से अधिक के पर्सन टू मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR का प्रावधान है। हालांकि, प्रति ट्रांजैक्शन MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपए रखी गई है।

इस शुल्क का भुगतान ग्राहक से अलग से नहीं लिया जाएगा यानी किसी दुकान या कारोबारी को UPI के जरिए भुगतान करने पर ग्राहक के बिल में MDR के नाम पर अतिरिक्त राशि नहीं जोड़ी जाएगी। यह शुल्क भुगतान प्रणाली में शामिल बैंकों और ऐप/सेवा प्रदाताओं के बीच तय व्यवस्था के अनुसार वितरित होगा।

करीब 96% लेन-देन पर नहीं पड़ेगा असर

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 15 सितंबर को MDR से जुड़ा नया फ्रेमवर्क पेश किया था। सरकार के मुताबिक करीब 96 प्रतिशत P2M लेन-देन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे यानी बड़ी संख्या में यूपीआई पेमेंट पहले की तरह बिना किसी चार्ज के जारी रहेंगे।

वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि MDR को सरकार द्वारा लगाया गया टैक्स समझना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि यह राशि कंसोलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया (Consolidated Fund of India) में जमा नहीं होगी। इसका मकसद पेमेंट इकोसिस्टम में शामिल कंपनियों और बैंकों के बीच शुल्क की व्यवस्था करना है।

विपक्ष के आरोपों पर वित्त मंत्री का जवाब

UPI चार्ज को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी निर्मला सीतारमण ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संसद के सत्र के दौरान सरकार की ओर से इस विषय पर स्पष्टीकरण दिया जा चुका है। इसके बावजूद MDR को लेकर लोगों के बीच भ्रम पैदा किया जा रहा है।

वित्त मंत्री ने लोगों से किसी भी दावे पर विश्वास करने से पहले तथ्यों की जांच करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गलत जानकारी के आधार पर होने वाली बहस से आम लोगों के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति बनती है।

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