Edited By ,Updated: 26 Sep, 2026 03:52 AM

आज लोगों में लोभ इतना अधिक बढ़ गया है कि वे अपने ही भाई-बंधुओं को ठगने के लिए कोई भी तरीका अपनाने से संकोच नहीं करते। कई धोखेबाज तो नकली अधिकारियों का वेश धारण करके लोगों को ठग रहे हैं जिसकी पिछले चंद महीनों की घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
आज लोगों में लोभ इतना अधिक बढ़ गया है कि वे अपने ही भाई-बंधुओं को ठगने के लिए कोई भी तरीका अपनाने से संकोच नहीं करते। कई धोखेबाज तो नकली अधिकारियों का वेश धारण करके लोगों को ठग रहे हैं जिसकी पिछले चंद महीनों की घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
* 26 मार्च को ‘बेंगलुरु’ (कर्नाटक) में स्वयं को ‘सीमा सुरक्षा बल’ का अधिकारी बताकर फर्जी खरीद आदेश घोटाले के जरिए ‘बेंगलुरु’ के एक व्यवसायी से 26.22 लाख रुपयों से अधिक की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक धोखेबाज नकली अधिकारी के विरुद्ध केस दर्ज किया गया।
* 18 जून को ‘मिर्जापुर’ (उत्तर प्रदेश) के कलैक्ट्रेट में दरोगा बन कर घूम रहे एक युवक को लोगों और अधिकारियों की सतर्कता से हिरासत में लिया गया। उसका कहना था कि वह महिलाओं को महिला थाने में नौकरी दिलवा सकता है।
* 20 जून को दिल्ली पुलिस ने स्वयं को एक ‘एडीशनल डिप्टी मैजिस्ट्रेट’ (ए.डी.एम.) बता कर अनेक लोगों को सरकारी नौकरियां दिलवाने तथा भूमि अलाट करवाने का झांसा देकर उनसे 60 लाख रुपयों की ठगी मारने के आरोप में ‘पवन कुमार पांडे’ नामक एक आदतन जालसाज को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से अनेक फर्जी आई कार्ड तथा अन्य दस्तावेज बरामद किए गए।
* 21 जून को ‘बेंगलुरु’ (कर्नाटक) में एक व्यक्ति ने स्वयं को पुलिस अधिकारी बताते हुए अंतर्राष्ट्रीय नंबर से फोन किया और उसे झूठमूठ ही यह कह कर डरा दिया कि उसका बेटा ड्रग्स केस में पकड़ा गया है तथा उसे छोडऩे के बदले में महिला से 1.25 लाख रुपए ठग लिए।
* 27 जून को ‘मुंबई’ (महाराष्टï्र) में पुलिस जैसी दिखने वाली कार और फर्जी आई.डी. का इस्तेमाल कर बैंक लोन मंजूर कराने और सरकारी काम कराने के नाम पर ठगी करने वाले 2 धोखेबाजों को गिरफ्तार किया गया।
* 12 अगस्त को ‘खगडिय़ा’ (बिहार) में अपनी ‘टेस्ला’ और ‘सफारी’ गाडिय़ों पर ‘गवर्नमैंट ऑफ इंडिया’ और ‘आई.ए.एस.’ के फर्जी बोर्ड लगाकर घूमने और स्वयं को प्रधानमंत्री के कार्यालय से जुड़ा अधिकारी बताकर लोगों को ठगने वाले ‘मनीष कुमार’ को बिहार पुलिस ने पकड़ा।
* 27 अगस्त को ‘अशोक नगर’ (मध्य प्रदेश) में ‘चंदेरी’ पुलिस ने फर्जी ‘आई.ए.एस.अधिकारी’ बनकर सरकारी नौकरी और बेहतरीन सैलरी का लालच देकर लोगों से 9.80 लाख रुपए ठगने वाले भाई-बहन ‘तृप्ति सिंह’ और ‘सुधांशु सिंह’ को गिरफ्तार किया।
* 5 सितम्बर को ‘भोपाल’ (मध्य प्रदेश) में स्वयं को 2016 बैच का ‘आई.आर.एस.’ और ‘इंकम टैक्स अधिकारी’ बताकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगने वाले ‘ऋषि कुमार’ को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
* 17 सितम्बर को ‘भोपाल’ (मध्य प्रदेश) में फर्जी ‘आई.ए.एस.’ और ‘मध्य प्रदेश टूरिज्म’ की एडीशनल डायरैक्टर बताकर सरकारी नौकरी, टूरिज्म प्रॉपर्टीज की लीज और टैंडर दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी मारने के आरोप में ‘तृप्ति सिंह राजपूत’ के विरुद्ध क्रमश: 39 लाख और 40 लाख रुपयों की ठगी मारने के आरोप में चौथी एफ.आई.आर. दर्ज की गई।
* 21 सितम्बर को ‘वडोदरा’ (गुजरात) पुलिस ने जाली सरकारी आई.डी. का इस्तेमाल कर और स्वयं को ‘सीनियर आई.ए.एस. अधिकारी’ बता कर एक व्यक्ति को ‘डिप्टी मामलातदार’ की सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे 7.70 लाख रुपए ठगने के आरोप में ‘क्रिश्चियन’ नामक एक धोखेबाज को गिरफ्तार किया।
* 24 सितम्बर को ‘पुणे’ (मुंबई) में ‘डिजिटल अरैस्ट’ के नाम पर एक 74 वर्षीय सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी से 1.12 करोड़ रुपयों की ठगी करने के आरोप में मुंबई साइबर पुलिस ने ‘आई.आई.टी.दिल्ली’ के एक ग्रैजुएट सहित 8 लोगों को गिरफ्तार किया। सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अपने देश की सरकार के प्रतिनिधि होते हैं। स्वयं को सरकारी अधिकारी बताकर और झूठी धौंस दिखाकर लोगों को ठगना घोर अपराध है। अत: ऐसा करने वाले धोखेबाजों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की आवश्यकता है।—विजय कुमार