Edited By Ramkesh,Updated: 11 Jul, 2026 07:13 PM

अगर आप भी नई बाइक खरीदना चाहते हैं सैलरी 20, 30 हजार या 50 हजार के आस पास है तो EMI पर बाइक खरीद सकते हैं, लेकिन इसका निर्णय बहुत ही सोच समझ कर करें जिसके आप को किस्त को चुकाने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो ऐसे में एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि...
ऑटोमोबाइल डेस्क: अगर आप भी नई बाइक खरीदना चाहते हैं सैलरी 20, 30 हजार या 50 हजार के आस पास है तो EMI पर बाइक खरीद सकते हैं, लेकिन इसका निर्णय बहुत ही सोच समझ कर करें जिसके आप को किस्त को चुकाने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो ऐसे में एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि किसी भी व्यक्ति की बाइक की मासिक EMI उसकी मासिक आय (Salary) के 10 से 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। इससे अन्य जरूरी खर्च और बचत भी प्रभावित नहीं होती।
20,000 रुपये मासिक सैलरी वालों के लिए कौन-सी बाइक सही?
अगर आपकी मासिक आय करीब 20,000 रुपये है, तो बाइक का ऑन-रोड बजट 80,000 रुपये से 1.20 लाख रुपये के बीच रखना बेहतर माना जाता है। इस कीमत में EMI आसानी से मैनेज की जा सकती है और दैनिक खर्चों पर भी ज्यादा असर नहीं पड़ता।
इस बजट में ये बाइक अच्छे विकल्प हो सकती हैं:
- Hero Splendor Plus
- Honda Shine 100
- Bajaj Platina 110
- TVS Radeon
- Hero HF Deluxe
ये सभी मोटरसाइकिलें बेहतर माइलेज, कम मेंटेनेंस और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए भरोसेमंद मानी जाती हैं।
30,000 रुपये मासिक सैलरी वालों के लिए विकल्प
यदि आपकी मासिक सैलरी 30,000 रुपये है, तो आप 1.20 लाख रुपये से 1.70 लाख रुपये तक की बाइक खरीदने पर विचार कर सकते हैं। इस बजट में आपको आकर्षक डिजाइन, आधुनिक फीचर्स और बेहतर परफॉर्मेंस वाली मोटरसाइकिलें मिल जाती हैं।
इस रेंज में आप इन बाइकों पर नजर डाल सकते हैं:
- TVS Apache RTR 160
- Bajaj Pulsar N160
- Hero Xtreme 125R
- Honda SP125
- Yamaha FZ-S Fi
बाइक खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
EMI आपकी मासिक आय के 10–15% से अधिक न हो।
डाउन पेमेंट जितना ज्यादा करेंगे, EMI उतनी कम होगी।
बाइक खरीदने से पहले इंश्योरेंस, सर्विस और मेंटेनेंस का खर्च भी जोड़कर देखें।
अलग-अलग बैंकों और फाइनेंस कंपनियों की ब्याज दरों की तुलना करने के बाद ही लोन लें।
अपनी जरूरत और उपयोग के हिसाब से ही बाइक का चुनाव करें, केवल लुक्स या ट्रेंड देखकर फैसला न लें।
सही बजट और सोच-समझकर लिया गया फैसला आपको आर्थिक रूप से सुरक्षित रखता है और बाइक खरीदने का अनुभव भी बेहतर बनाता है।