नई रिपोर्ट का दावा: देश के लगभग 45% घरों में इलेक्ट्रिक गाड़ियां चार्ज करने का सही इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं

Edited By Updated: 01 Jul, 2026 12:32 PM

the  jugaad  approach to ev charging could prove costly report

पेट्रोल- डीजल के बढ़ते दामों के बीच देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की मांग काफी तेजी से बढ़ रही है। इस बढ़ती डिमांड के बीच एक हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है। 'द नेट-ज़ीरो ट्रांज़िशन स्टार्ट्स एट होम: इनेबलिंग EV-रेडी रेजिडेंसेस इन इंडिया' नामक...

नेशनल डेस्क: पेट्रोल- डीजल के बढ़ते दामों के बीच देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की मांग काफी तेजी से बढ़ रही है। इस बढ़ती डिमांड के बीच एक हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है। 'द नेट-ज़ीरो ट्रांज़िशन स्टार्ट्स एट होम: इनेबलिंग EV-रेडी रेजिडेंसेस इन इंडिया' नामक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के लगभग 45% घरों के इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में तत्काल सुधार या अपग्रेडेशन की जरुरत है। ताकि गाड़ियां सुरक्षित तरीके से चार्ज हो सकें। यह स्टडी देश के छोटे-बड़े शहरों के करीब 80,000 घरों, अपार्टमेंट्स और सोसायटियों में लगे चार्जर्स के डेटा को देखकर तैयार की गई है।

क्या है समस्या?

भारत में केवल 55% लोगों के पास ही घर पर सुरक्षित चार्जिंग सेटअप है। साथ ही यह भी अनुमान है कि साल 2035 तक देश में ईवी चार्जिंग का हिस्सा 6% हो जाएगा,जो  मौजूदा सिर्फ 0.2% है। दिल्ली में सरकार ने जनवरी 2027 से नए पेट्रोल-सीएनजी ऑटो और अप्रैल 2028 से पेट्रोल वाले दो पहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर पूरी तरह से रोक लगानी की बात कही है। ऐसे में ईवी की मांग और बढ़ेगी।

मजबूरी में अपना रहे हैं जुगाड़

घरों में चार्जिंग का सही ढांचा न होने के कारण लोग खतरनाक तरीके अपना रहे हैं। कई जगहों लोगों के पास उपयुक्त चार्जिंग प्लग नहीं हैं। ऐसे में लोग सामान्य प्लग, कामचलाऊ एक्सटेंशन बोर्ड या दूसरों के साथ साझा कनेक्शन का इस्तेमाल हो रहा है।

इस 'जुगाड़ू' चार्जिंग से क्या-क्या खतरे हैं?

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बिना सही सिस्टम के गाड़ी चार्ज करने से बड़े नुकसान हो सकते हैं। जब आप नार्मल घरेलू बोर्ड का इस्तेमाल करते हैं तो इससे उन पर लोड ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे यह जरुरत से ज्यादा गर्म होकर पिघल हो सकता है, जिससे शार्ट सर्किट होने  या फिर आग लगने की घटना हो सकती है। दूसरा कारण है कि कई बार एक्स्ट्रा लोड बढ़ने से वोल्टेज बार-बार ऊपर-नीचे होती है, जिससे आपके मुहल्ले का ट्रांसफार्मर जल सकता है और इससे आपकी पूरी कॉलोनी की बिजली जा सकती है।

 

 

 

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