पंजाब में भाजपा मोदी के 5 सूत्री एजैंडे के तहत लड़ेगी विधानसभा चुनाव

Edited By Updated: 24 Jul, 2026 05:29 AM

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लगातार देश के विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनाव जीतने और विशेष रूप से बंगाल के चुनावों में शानदार विजय हासिल करने के बाद भाजपा पंजाब का चुनाव जीतने के लिए पूरी तरह आशान्वित है और इसके लिए एक बड़ी रणनीति बनाती नजर आ रही है। इसकी झलक भाजपा के बड़े...

लगातार देश के विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनाव जीतने और विशेष रूप से बंगाल के चुनावों में शानदार विजय हासिल करने के बाद भाजपा पंजाब का चुनाव जीतने के लिए पूरी तरह आशान्वित है और इसके लिए एक बड़ी रणनीति बनाती नजर आ रही है। इसकी झलक भाजपा के बड़े नेताओं के दौरों से दिखाई दे रही है। पहले देश के गृह मंत्री अमित शाह की मोगा रैली, जिसमें अमित शाह ने पंजाब में अगली सरकार बनाने पर पंजाब के लिए भाजपा के रोडमैप के बारे में बताकर पंजाबियों के दिल जीतने की कोशिश की। उसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने 3 दिवसीय दौरे के दौरान भाजपा के विभिन्न विभागों के नेताओं और कार्यकत्र्ताओं से मुलाकात करके विधानसभा चुनावों में जीतने के लिए तैयारी करने का आह्वान किया।

और पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे ने पंजाब के प्रति भाजपा के एजैंडे को साफ कर दिया। मोदी ने जालंधर रैली में दिए गए भाषण में कहा कि पंजाब को भाजपा ही विकसित कर सकती है, पंजाब को आत्मनिर्भर भी भाजपा ही बना सकती है, निवेश भी भाजपा ही करवा सकती है और रोजगार के अलावा पंजाबियों द्वारा बनाए गए उत्पाद देश के कोने-कोने में पहुंचाने और उनकी बिक्री का प्रबंध भी भाजपा ही कर सकती है। प्रधानमंत्री द्वारा अपने भाषण में 5 बिंदुओं पर खास जोर दिया गया।

राजनीतिक एजैंडा : प्रधानमंत्री ने जालंधर की विकास रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर कुर्सी के लिए लड़ाई लड़ने का आरोप लगाते हुए भाजपा के ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ के संकल्प को दोहराया। उन्होंने अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों ने उन्हें भी मौका देकर देख लिया है, वे भी कांग्रेस और ‘आप’ से अलग नहीं हैं। उनके इस बयान को पंजाब में भाजपा के अकेले चुनाव लडऩे के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इसी रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने आम आदमी पार्टी को ‘कट्टर बेईमान पार्टी’ करार देते हुए स्पष्ट संकेत दिया कि भाजपा के चुनाव अभियान का केंद्र आम आदमी पार्टी के नेताओं की कथित ईमानदारी के नकाब को बेनकाब करना होगा। 

सामाजिक समीकरण : प्रधानमंत्री के भाषण का दूसरा मुख्य बिंदू सामाजिक समीकरणों से जुड़ा था। उन्होंने शहीद तेजा सिंह समुंदरी को उनकी शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि देकर पंजाब के सामने भाजपा की पंथक सोच को भी उभारा। इसके अलावा उन्होंने गुरु रविदास जी के नाम पर अमृतसर से वाराणसी तक नई ट्रेन सेवा की शुरुआत की और सचखंड डेरा बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास के साथ रेल यात्रा के दौरान संक्षिप्त मुलाकात भी की। इसे दलित समुदाय के लिए स्पष्ट संदेश के रूप में देखा गया। पिछले 2 महीनों में संत निरंजन दास के साथ प्रधानमंत्री की यह दूसरी मुलाकात थी, जिसे पंजाब में भाजपा की सोशल इंजीनियरिंग का हिस्सा माना जा रहा है।

पंजाब की समस्याओं का समाधान : प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में किसानों, मनरेगा कर्मचारियों, सरकारी कर्मचारियों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। हरियाणा की भाजपा सरकार द्वारा 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी.) देने का हवाला देते हुए उन्होंने किसानों के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही मनरेगा कर्मचारियों पर लाठीचार्ज, पंजाब सरकार के कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ते और अन्य लंबित मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि इनका प्रभावी समाधान सिर्फ भाजपा की डबल इंजन सरकार ही कर सकती है। उन्होंने आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर रही और इससे राज्य के विकास में रुकावट पैदा हो रही है। 

महिला सशक्तिकरण : प्रधानमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने 2027 के चुनावों से ठीक पहले महिलाओं को 1000-1500 रुपए देने का वादा करके उनके साथ धोखा किया। राजनीतिक हलकों में इसे इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा पंजाब की महिलाओं के लिए कोई बड़ी कल्याणकारी योजना या विशेष घोषणा कर सकती है। 

अर्थव्यवस्था, कानून-व्यवस्था और विकास: प्रधानमंत्री ने राज्य की कमजोर अर्थव्यवस्था, बढ़ते कर्ज, विकास में पिछडऩे, गैंगस्टरवाद और नशे की समस्या का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को हल करने में अब तक की सभी सरकारें नाकाम रही हैं और अब पंजाब के सामने भाजपा ही एक विश्वसनीय विकल्प है। उन्होंने कहा कि अगर 2027 में भाजपा की सरकार बनती है तो वह महाराजा रणजीत सिंह की ‘सरकार-ए-खालसा’ से प्रेरणा लेकर शासन करेगी, जहां खुशहाली, सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव सुनिश्चित किया जाएगा। पंजाब को सर्वोत्तम सुविधाएं देने में पीछे नहीं रहने दिया जाएगा।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब की अर्थव्यवस्था को फिर से मजबूत करना होगा, केंद्र की योजनाओं का पूरा लाभ लोगों तक पहुंचाना होगा, राज्य को कर्ज के बोझ से बाहर निकालना होगा और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होगा। लुधियाना को साइकिल और हौजरी उद्योग का केंद्र, जालंधर को खेलकूद सामान उद्योग का हब और मोहाली को आई.टी. हब के रूप में विकसित करके रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे। पंजाब में बने उत्पाद दुनिया भर के बाजारों तक पहुंचेंगे औरराज्य फिर से आॢथक रूप से मजबूती के साथ खड़ाहोगा।यह पांच सूत्री एजैंडा भाजपा के लिए कितना लाभदायक होगा, यह तो विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद ही पता चलेगा।-इकबाल सिंह चन्नी 
 

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