अडानी पोर्ट्स मुंद्रा बंदरगाह पर खाली कंटेनर के लिए विशेष यार्ड शुरू करेगी

Edited By Updated: 04 Sep, 2026 02:42 PM

adani ports to launch a dedicated yard for empty containers at mundra port

अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने शुक्रवार को कहा कि वह मुंद्रा बंदरगाह और विशेष आर्थिक क्षेत्र में खाली कंटेनरों के लिए विशेष यार्ड का संचालन शुरू करेगी। कंपनी ने एक बयान में कहा कि विशेष खाली कंटेनर यार्ड से कंटेनर के

नई दिल्लीः अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने शुक्रवार को कहा कि वह मुंद्रा बंदरगाह और विशेष आर्थिक क्षेत्र में खाली कंटेनरों के लिए विशेष यार्ड का संचालन शुरू करेगी। कंपनी ने एक बयान में कहा कि विशेष खाली कंटेनर यार्ड से कंटेनर के संचालन को व्यवस्थित करने और जहाजरानी कंपनियों तथा ग्राहकों को बेहतर सेवा देने में मदद मिलेगी। कंपनी ने कहा कि इस पहल से भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में मुंद्रा की भूमिका और मजबूत होगी तथा 'विकसित भारत' के लक्ष्य को समर्थन मिलेगा। 

कंपनी के बयान के अनुसार, यार्ड में ही परिचालन होने से सुरक्षा, संरक्षा और नियामकीय अनुपालन बेहतर होगा। साथ ही, कंटेनर के तेजी से निपटान और बुनियादी ढांचे के बेहतर इस्तेमाल से लॉजिस्टिक की लागत कम करने में मदद मिलेगी। कंपनी ने कहा कि एपीएसईजेड मुंद्रा में एकीकृत भंडारण सुविधा के साथ विशेष खाली कंटेनर यार्ड शुरू कर रही है। यहां खाली कंटेनर से जुड़ी सभी सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी, जिनमें भंडारण, रखरखाव, निरीक्षण और निर्यातकों तथा कंटेनर माल ढुलाई केंद्रों (सीएफएस) तक कंटेनर की सुचारू आवाजाही शामिल है। 

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के कंटेनर कारोबार में एपीएसईजेड की हिस्सेदारी 45.5 प्रतिशत थी। इसमें अकेले मुंद्रा बंदरगाह देश के करीब 35 प्रतिशत कंटेनर कारोबार को संभालता है और यह भारत का सबसे बड़ा कंटेनर संभालने वाला बंदरगाह है। एपीएसईजेड के पूर्णकालिक निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अश्वनी गुप्ता ने कहा कि मुंद्रा में विशेष खाली कंटेनर यार्ड का संचालन एपीएसईजेड और उसके साझेदार करेंगे, जिनमें कंटेनर माल ढुलाई केंद्र तथा जहाजरानी कंपनियां शामिल हैं। इससे कंटेनर के निपटान में लगने वाला समय घटेगा, अनावश्यक आवाजाही कम होगी और लॉजिस्टिक की लागत को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि व्यापार को सक्षम बनाने वाले बुनियादी ढांचे को मजबूत करना भारत की आर्थिक वृद्धि और 'विकसित भारत' के लक्ष्य में समर्थन देने की एपीएसईजेड की प्रतिबद्धता का अहम हिस्सा है। 

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