Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर इस विधि से किया जाता है भगवान श्रीकृष्ण का स्वागत, आप भी करें

Edited By Updated: 04 Sep, 2026 09:39 AM

janmashtami

Janmashtami 2026 Puja Thali Samagri List for Laddoo Gopal: कृष्ण जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल का पूजन करने जा रहे हैं? जानिए, बाल-कृष्ण के अभिषेक, श्रृंगार और आरती की संपूर्ण थाली सामग्री लिस्ट, जिसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है।

Janmashtami 2026 Puja Thali Samagri List for Laddoo Gopal: भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि यानी भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव की गूंज आज हर घर में सुनाई दे रही है। कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर भक्तों में अभूतपूर्व उत्साह है। इस पावन अवसर पर सुहागिन महिलाएं और तमाम श्रद्धालु पूरी श्रद्धा व नियम के साथ व्रत रखते हैं और अपने प्यारे 'लड्डू गोपाल' का विशेष पूजन-अर्चन करते हैं। इसके साथ-साथ बाल गोपाल को झूला झुलाने की भी परंपरा है। जन्माष्टमी पर श्री कृष्ण की विधि-विधान से पूजा करने से वे बहुत प्रसन्न होते हैं। उनकी पूजा में किन चीज़ों का इस्तेमाल करना चाहिए। सही सामग्री के साथ पूजा की थाली को सजाना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। आज रात पूरी श्रद्धा और सही सामग्री से सजी थाली के साथ भगवान श्रीकृष्ण का स्वागत करें तो घर में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली का वास होगा।

PunjabKesari janmashtami

जन्माष्टमी की पूजा सामग्री: धूप बत्ती (अगरबत्ती), कपूर, केसर, चंदन, यज्ञोपवीत, चावल, अबीर, गुलाल, हल्दी, आभूषण, रुई, रोली,सिंदूर, सुपारी, पान के पत्ते,पुष्पमाला,कमलगट्टे, तुलसीमाला, धनिया खड़ा, सप्तमृत्तिका,सप्तधान्य, कुशा व दूर्वा, पंच मेवा,  गंगाजल, शहद (मधु), शकर, घृत (शुद्ध घी), दही, दूध, ऋतुफल, नैवेद्य या मिष्ठान्न, (पेड़ा, मक्खन, मिश्री, मालपुए, लड्डू इत्यादि), इलायची (छोटी), लौंग, मौली, इत्र की शीशी,  सिंहासन, बाजोट या झूला (चौकी, आसन), पंच पल्लव, (बड़, गूलर, पीपल, आम और पाकर के पत्ते), पंचामृत, तुलसी दल,केले के पत्ते , (यदि उपलब्ध हों तो खंभे सहित), औषधि, (जटामांसी, शिलाजीत आदि), श्रीकृष्ण का पाना (अथवा मूर्ति) श्रीकृष्ण को अर्पित करने हेतु वस्त्र, जल कलश (चांदी, तांबे या मिट्टी का), पंच रत्न (सामर्थ्य अनुसार),दीपक, बड़े दीपक के लिए तेल,बन्दनवार, ताम्बूल (लौंग लगा पान का बीड़ा), श्रीफल (नारियल), धान्य (चावल, गेहूं), पुष्प (गुलाब एवं लाल कमल),  एक नई थैली में हल्दी की गांठ, खड़ा धनिया व दूर्वा आदि, अर्घ्य पात्र सहित अन्य सभी पात्र। झांकी सजाने के लिए हाथी, गाय, मोर, बांसुरी, मोर पंख, छोटी मटकियां, रंगोली आदि।

PunjabKesari janmashtami

जन्माष्टमी की पूजा थाली में सजाएं ये सामग्री:
कान्हा के दिव्य रूप के लिए श्रृंगार सामग्री- लड्डू गोपाल की सुंदर प्रतिमा को नए वस्त्र पहनाएं। मस्तक पर मुकुट सजाकर उनके हाथों में छोटी बांसुरी पकड़ाएं। मुकुट की शोभा बढ़ाने के लिए मोरपंख लगाएं। ललाट पर चंदन या गोपी चंदन लगाएं। तिलक के ऊपर साबुत चावल (अक्षत) लगाएं। कान्हा के स्वागत हेतु और आरती के लिए थाली में घंटी और शंख रखें।

पंचामृत और पावन स्नान के लिए अभिषेक सामग्री 
दिव्य पंचामृत: अभिषेक के लिए दूध, दही, शुद्ध गाय का घी, शहद और शक्कर (चीनी) को आपस में मिलाकर तैयार किया गया पंचामृत। ताजा शुद्ध जल और मुलायम सूती कपड़ा (तौलिया)

आरती और भोग के लिए अन्य पूजन सामग्री
शुद्ध देसी घी का दीपक, धूप और अगरबत्ती, वैजयंती या पीले पुष्प, तुलसी दल

इस विधि से करें भगवान श्रीकृष्ण का स्वागत 
प्राचीन काल से ही घर को सजाने के लिए रंगोली बनाई जाती है। सनातन धर्म में रंगोली को बहुत ही शुभ माना जाता है। जन्माष्टमी पर घर को सजाने के लिए मुख्य द्वार के पास और मंदिर में रंगोली बनाएं। घर की सजावट करके और रंगोली बना कर श्री कृष्ण को अपने घर आने के लिए बुलाएं।

मध्यरात्रि से पहले पूजा स्थान को अंधकार में रखें और ठीक जन्म समय पर दीप जलाएं यह जन्म का प्रतीक है। श्री कृष्ण के जन्म की खुशी में पूरे घर को रोशन कर दें। श्री कृष्ण के स्वागत में पूरे घर को दिए या फिर बिजली वाले झालरों से सजा सकते हैं। घर के मंदिर को भी प्रकाशमय कर दें। घर के किसी भी कोने में अंधकार न होने दें।

चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं और भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप को पात्र में रखें। फिर लड्डू गोपाल को पंचामृत व गंगाजल से स्नान करवाने के बाद नए वस्त्र में वस्त्र पहनाएं। उन्हें रोली और अक्षत से तिलक करें। अब लड्डू गोपाल को माखन मिश्री का भोग लगाएं। श्री कृष्ण को तुलसी का पत्ता भी अर्पित करें। भोग के बाद श्रीकृष्ण को गंगाजल भी अर्पित करें और हाथ जोड़कर अपने आराध्य देव का ध्यान लगाएं।

दूध, माखन और मिश्री श्रीकृष्ण के बालस्वरूप की प्रिय भेंट हैं साथ ही यह सरलता और पोषण का संकेत देते हैं। अत: रात को 12 बजे बाल गोपाल को माखन और मिश्री का भोग अवश्य लगाएं।

108 नामों का स्मरण: "ॐ श्रीकृष्णाय नमः" के साथ 108 नामों का पाठ कर, प्रत्येक नाम के साथ एक मानसिक पुष्प अर्पित करें।

बाल गोपाल का झूला: झूले को फूल, तुलसी और पीत वस्त्र से सजाएं, फिर मंत्रोच्चार के साथ धीरे-धीरे झुलाएं।

PunjabKesari janmashtami

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

 

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!