देश में बिजली खपत मई में 11.55% बढ़कर 164.98 अरब यूनिट पर

Edited By Updated: 01 Jun, 2026 04:04 PM

country s electricity consumption rises 11 55 to 164 98 billion units in may

देश में पारा चढ़ने के साथ बिजली खपत मई में सालाना आधार पर 11.55 प्रतिशत बढ़कर 164.98 अरब यूनिट रही। गर्मी से बचने के लिए एयर कंडीशनर और कूलर जैसे उपकरणों के बढ़ते उपयोग के कारण बिजली खपत बढ़ी है। आधिकारिक आंकड़ों से यह

नई दिल्लीः देश में पारा चढ़ने के साथ बिजली खपत मई में सालाना आधार पर 11.55 प्रतिशत बढ़कर 164.98 अरब यूनिट रही। गर्मी से बचने के लिए एयर कंडीशनर और कूलर जैसे उपकरणों के बढ़ते उपयोग के कारण बिजली खपत बढ़ी है। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली। गर्मी के कारण पिछले महीने बिजली की अधिकतम मांग बढ़कर अबतक के उच्चतम स्तर 270.82 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) पर पहुंच गई, जो मई, 2025 में 230.99 गीगावाट रही थी। इस वर्ष मई में लगातार चार दिन तक बिजली की अधिकतम मांग रिकॉर्ड उच्चस्तर पर रही। 

बिजली की अधिकतम मांग 18 मई को रिकॉर्ड 257.37 गीगावाट, 19 मई को 260.45 गीगावाट, 20 मई को 265.44 गीगावाट और 21 मई को 270.82 गीगावाट रही। बिजली की अधिकतम मांग 25 अप्रैल को रिकॉर्ड 256.11 गीगावाट (256.11 गीगावाट) पर पहुंच गई थी। इससे पहले, मई, 2024 में बिजली की अधिकतम मांग लगभग 250 गीगावाट के अबतक के उच्च स्तर पर रही थी। 

बिजली मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2026 की गर्मियों में बिजली की अधिकतम मांग 270 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। पिछली गर्मियों में, जून, 2025 में बिजली की अधिकतम मांग 242.77 गीगावाट रही थी, लेकिन यह सरकार के 277 गीगावाट (277 गीगावाट) के अनुमान से कम थी। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस वर्ष भीषण गर्मी का अनुमान जताया है। इससे बिजली की मांग और खपत बनी रहेगी।  

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