अल नीनो और खराब मौसम से गेहूं उत्पादन पर बड़ा असर, 1 करोड़ टन तक गिरावट की आशंका

Edited By Updated: 25 Apr, 2026 05:14 PM

el niño and adverse weather deal a major blow to wheat production

अल नीनो और खराब मौसम की मार के चलते देश में गेहूं उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा के मुताबिक, फसल वर्ष 2025-26 में गेहूं उत्पादन 11 से 12 करोड़ टन के बीच रह सकता है, जो पहले के अनुमान से करीब 1 करोड़ टन कम है। बेमौसम बारिश...

बिजनेस डेस्कः अल नीनो और खराब मौसम की मार के चलते देश में गेहूं उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा के मुताबिक, फसल वर्ष 2025-26 में गेहूं उत्पादन 11 से 12 करोड़ टन के बीच रह सकता है, जो पहले के अनुमान से करीब 1 करोड़ टन कम है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने प्रमुख उत्पादक राज्यों में फसलों को नुकसान पहुंचाया है।

पहले कृषि मंत्रालय ने गेहूं उत्पादन 12 करोड़ टन से अधिक रहने का अनुमान जताया था लेकिन मौसम की मार के बाद यह आंकड़ा घट गया है। उद्योग संगठनों के अनुमान भी अब करीब 11 करोड़ टन के आसपास आ गए हैं, जिससे उत्पादन वृद्धि लगभग ठहरती नजर आ रही है।

सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए गेहूं खरीद लक्ष्य को बढ़ाकर 3.45 करोड़ टन कर दिया है और अब तक 1.64 करोड़ टन की खरीद की जा चुकी है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार जैसे प्रमुख राज्यों में खरीद के लक्ष्य बढ़ाए गए हैं और नियमों में भी कुछ ढील दी गई है।

साथ ही, सरकार ने चरणबद्ध तरीके से 50 लाख टन गेहूं और 10 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात को मंजूरी दी है, हालांकि कीमतों में अंतर के चलते निर्यात की रफ्तार धीमी बनी हुई है।

घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकार जल्द ही खुले बाजार में गेहूं बेचने की नई नीति लाने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य जरूरत पड़ने पर कीमतों में तेजी को रोकना और आपूर्ति बनाए रखना है।

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