Edited By jyoti choudhary,Updated: 25 Apr, 2026 01:27 PM

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि IDBI Bank के विनिवेश की प्रक्रिया जारी रहेगी। यह बयान उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि सरकार ने आरक्षित मूल्य से कम बोलियां मिलने के कारण बैंक की प्रस्तावित बिक्री योजना को रद्द कर दिया...
नई दिल्लीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि IDBI Bank के विनिवेश की प्रक्रिया जारी रहेगी। यह बयान उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि सरकार ने आरक्षित मूल्य से कम बोलियां मिलने के कारण बैंक की प्रस्तावित बिक्री योजना को रद्द कर दिया है। बयान के बाद बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिला और IDBI बैंक के शेयर में 8% तक की तेजी आई, हालांकि बाद में यह बढ़त घटकर करीब 3.5% पर बंद हुआ।
सरकार IDBI Bank में अपनी 30.48% हिस्सेदारी और Life Insurance Corporation of India (LIC) की 30.24% हिस्सेदारी बेचने की योजना पर काम कर रही है। वित्त मंत्री के अनुसार, यह रणनीतिक विनिवेश प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
इसी दौरान वित्त मंत्री ने बैंकिंग सेक्टर में “ओपन आर्किटेक्चर मॉडल” पर भी चर्चा की, जिसके तहत बैंक ग्राहकों को केवल अपने ही नहीं बल्कि थर्ड पार्टी वित्तीय उत्पाद (जैसे म्यूचुअल फंड और बीमा) भी उपलब्ध कराए जा सकेंगे। इस संभावित बदलाव को लेकर बाजार में हलचल दिखी और SBI Life Insurance Company का शेयर दबाव में आकर करीब 3.29% गिर गया।
वित्त मंत्री ने कहा कि एक उच्च स्तरीय समिति इस बात पर विचार कर रही है कि बैंकिंग सिस्टम को अधिक प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी कैसे बनाया जाए, साथ ही 2047 तक भारत के बैंकिंग सेक्टर को मजबूत बनाने की दिशा में रणनीति तैयार की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है, हालांकि बैंकों से कृषि, विनिर्माण और अन्य क्षेत्रों को लगातार समर्थन देने की जरूरत है। इसके साथ ही बैंकों को अपने आईटी सिस्टम और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं, खासकर बढ़ते AI-आधारित साइबर जोखिमों को देखते हुए।