रुपया होगा मजबूत, UPI बनेगा ग्लोबल, RBI का 2029 तक का बड़ा रोडमैप तैयार

Edited By Updated: 11 Apr, 2026 03:47 PM

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी मध्यम अवधि की रणनीति ‘Utkarsh 2029’ का रोडमैप पेश किया है, जिसके तहत आने वाले वर्षों में देश की वित्तीय प्रणाली को अधिक मजबूत, डिजिटल और वैश्विक बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए जाएंगे। गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा...

बिजनेस डेस्कः भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी मध्यम अवधि की रणनीति ‘Utkarsh 2029’ का रोडमैप पेश किया है, जिसके तहत आने वाले वर्षों में देश की वित्तीय प्रणाली को अधिक मजबूत, डिजिटल और वैश्विक बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए जाएंगे। गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा घोषित इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारतीय रुपए को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना, eRupee को बढ़ावा देना और UPI का वैश्विक विस्तार करना है।

2026-2029 के लिए 49 लक्ष्यों पर फोकस

RBI ने 2026 से 2029 के बीच 49 विशिष्ट लक्ष्यों को पूरा करने की योजना बनाई है, जिन्हें छह रणनीतिक स्तंभों में विभाजित किया गया है। इसके तहत पुराने नियमों और सर्कुलर की समीक्षा कर उन्हें वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप सरल बनाया जाएगा। साथ ही, विनियमित संस्थाओं के लिए प्रक्रियाओं को आसान कर लचीलापन बढ़ाया जाएगा।

ग्राहक शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के साथ बैंकों की सेवा गुणवत्ता का कड़ाई से मूल्यांकन किया जाएगा। इसके अलावा, पूरे सिस्टम में बेहतर जोखिम आकलन फ्रेमवर्क विकसित किया जाएगा और वित्तीय बाजार इंफ्रास्ट्रक्चर में ऑटोमेशन तथा सेंट्रल क्लियरिंग का विस्तार किया जाएगा।

लोन होगा सस्ता और आसान

इस रणनीति का एक प्रमुख लक्ष्य कर्ज को अधिक सुलभ और किफायती बनाना है। इसके लिए RBI Unified Lending Interface (ULI) का विस्तार करेगा, जिससे छोटे व्यापारियों और किसानों को कम कागजी प्रक्रिया के साथ तेजी से लोन उपलब्ध हो सकेगा। इससे लोन की लागत भी घटने की उम्मीद है।

UPI और रुपया को मिलेगी वैश्विक पहचान

RBI की योजना UPI को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने और वैश्विक व्यापार में रुपए के उपयोग को बढ़ावा देने की है। इससे विदेशी लेनदेन में डॉलर पर निर्भरता कम होगी और कन्वर्जन लागत में कमी आएगी।

eRupee के जरिए तेज और सस्ता भुगतान

eRupee को लेकर RBI का फोकस और तेज होगा। इस डिजिटल करेंसी के माध्यम से देशों के केंद्रीय बैंक सीधे लेनदेन कर सकेंगे, जिससे भुगतान प्रक्रिया रियल-टाइम और कम लागत वाली होगी।

eRupee का उपयोग सरकारी सब्सिडी और अन्य लक्षित योजनाओं में भी किया जा सकेगा, जिससे धन का सही उपयोग सुनिश्चित होगा। खास बात यह है कि RBI ऐसी तकनीक विकसित कर रहा है, जिससे बिना इंटरनेट के भी eRupee से भुगतान संभव होगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

आम लोगों और अर्थव्यवस्था पर असर

इस पहल के लागू होने से आम लोगों को सस्ता और आसान लोन मिलने के साथ-साथ तेज और कम लागत वाले डिजिटल भुगतान का लाभ मिलेगा। छोटे कारोबारियों और किसानों को विशेष रूप से फायदा होगा।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय व्यापार में रुपए के बढ़ते उपयोग से भारतीय मुद्रा की स्थिति मजबूत होगी और वैश्विक बाजार में इसकी स्थिरता बढ़ेगी।

गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार, “RBI का लक्ष्य पेमेंट सिस्टम को वैश्विक स्तर तक पहुंचाना, वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और सेवाओं के लिए उच्च मानक स्थापित करना है।”


 

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