Edited By jyoti choudhary,Updated: 12 Sep, 2026 11:32 AM

देश का विदेशी मुद्रा भंडार चार सितंबर को समाप्त सप्ताह में रिकॉर्ड 44.90 अरब डॉलर उछलकर अबतक के उच्चतम स्तर 785.71 अरब डॉलर पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इससे पिछले सप्ताह में भी विदेशी मुद्रा भंडार 11.47
मुंबईः देश का विदेशी मुद्रा भंडार चार सितंबर को समाप्त सप्ताह में रिकॉर्ड 44.90 अरब डॉलर उछलकर अबतक के उच्चतम स्तर 785.71 अरब डॉलर पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इससे पिछले सप्ताह में भी विदेशी मुद्रा भंडार 11.47 अरब डॉलर बढ़कर 740.80 अरब डॉलर के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। इस साल की शुरुआत में पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार गिरावट आ रही थी। उस दौरान रुपए पर दबाव बढ़ने के कारण आरबीआई को डॉलर की बिक्री के जरिये विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करना पड़ा था।
हालांकि, घरेलू मुद्रा में तेज गिरावट के बीच आरबीआई ने इस साल जून में रियायती दर पर विदेशी मुद्रा अदला-बदली की योजनाओं की घोषणा की, जिसके बाद विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ना शुरू हुआ। इस कदम से 136 अरब डॉलर से अधिक का नया पूंजी प्रवाह हुआ है। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, चार सितंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का प्रमुख घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 47.498 अरब डॉलर बढ़कर 648.17 अरब डॉलर हो गईं।
डॉलर के संदर्भ में बताई जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखी यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की कीमत में होने वाली बढ़ोतरी या गिरावट का असर भी शामिल होता है। आरबीआई ने कहा कि सप्ताह के दौरान स्वर्ण भंडार का मूल्य 2.59 अरब डॉलर घटकर 113.82 अरब डॉलर रह गया। वहीं, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 40 लाख डॉलर घटकर 18.81 अरब डॉलर रहा। केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह के अंत में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में भारत की आरक्षित स्थिति 20 लाख डॉलर बढ़कर 4.92 अरब डॉलर हो गई।