Edited By jyoti choudhary,Updated: 02 Sep, 2026 04:40 PM

जापान के बॉन्ड बाजार में करीब तीन दशक बाद आए बड़े बदलाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दिग्गज बैंकर उदय कोटक ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में दुनिया में महंगाई और अल्पकालिक ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही वैश्विक ब्याज दर...
नई दिल्ली: जापान के बॉन्ड बाजार में करीब तीन दशक बाद आए बड़े बदलाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दिग्गज बैंकर उदय कोटक ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में दुनिया में महंगाई और अल्पकालिक ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही वैश्विक ब्याज दर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की आशंका है।
कोटक के मुताबिक जापान की 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड 3 प्रतिशत के पार पहुंच गई है, जो 1996 के बाद पहली बार हुआ है। वहीं अमरीका में 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड करीब 4.8 प्रतिशत तक पहुंच गई है। सरकारी कर्ज और राजकोषीय घाटे में बढ़ौतरी के बीच बॉन्ड यील्ड में यह तेजी महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा रही है।
केंद्रीय बैंकों पर बढ़ सकता है दबाव
उदय कोटक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि बढ़ते सरकारी कर्ज और घाटे की स्थिति में केंद्रीय बैंकों को अपनी बैलेंस शीट बढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसा होने पर महंगाई और अल्पकालिक ब्याज दरों में तेजी आ सकती है। उन्होंने निवेशकों को वैश्विक ब्याज दर बाजार में बढ़े उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहने की सलाह दी।
भारत के लिए क्यों बढ़ सकती है मुश्किल
वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ौतरी भारत जैसे उभरते बाजारों पर दबाव डाल सकती है। अमरीका, जापान और यूरोप में यील्ड बढ़ने पर विदेशी निवेशकों को विकसित बाजारों में बेहतर रिटर्न मिलने लगता है, जिससे भारतीय शेयरों और बॉन्ड से निवेश निकलने का जोखिम बढ़ सकता है।
रुपए और शेयर बाजार पर असर की आशंका
जानकारों के अनुसार वैश्विक निवेश में कमी से भारतीय बॉन्ड यील्ड बढ़ सकती है और रुपए पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा ऊंची कच्चे तेल की कीमतें, मध्य-पूर्व में जारी तनाव और महंगाई को लेकर अमरीकी फैडरल रिजर्व का सख्त रुख भारतीय बाजारों के लिए अतिरिक्त चुनौती बन सकते हैं। जापानी निवेशकों की घरेलू बाजार में बढ़ती वापसी से भी वैश्विक पूंजी प्रवाह प्रभावित होने की आशंका है।