Edited By jyoti choudhary,Updated: 29 Jun, 2026 12:02 PM

सोने की आसमान छूती कीमतों के बीच भारतीय बाजारों में नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। महंगे भाव के चलते लोग नया सोना खरीदने के बजाय अपने घरों और लॉकरों में रखा सोना बेचकर मुनाफावसूली कर रहे हैं। उद्योग से जुड़े जानकारों के अनुसार, इस तिमाही में...
बिजनेस डेस्कः सोने की आसमान छूती कीमतों के बीच भारतीय बाजारों में नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। महंगे भाव के चलते लोग नया सोना खरीदने के बजाय अपने घरों और लॉकरों में रखा सोना बेचकर मुनाफावसूली कर रहे हैं। उद्योग से जुड़े जानकारों के अनुसार, इस तिमाही में भारतीयों ने रिकॉर्ड 50 टन (लगभग 50,000 किलोग्राम) पुराना सोना बेचकर बंपर मुनाफा कमाया (Profit Booking) है।
कैश लेने की बढ़ी मांग
ज्वेलरी इंडस्ट्री के जानकारों के मुताबिक, पहले लोग अपनी पुरानी ज्वेलरी के बदल नया गहना बनवाते थे लेकिन अब बड़ी संख्या में लोग सीधे नकद या बैंक ट्रांसफर लेना पसंद कर रहे हैं। पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले पुराना सोना बेचकर कैश कराने के मामलों में 43 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
क्यों बना हुआ है मार्केट क्रैश का डर?
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर होने के कारण निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के चलते कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है। हालांकि, भविष्य में कीमतें किस स्तर तक जाएंगी, इस पर कोई निश्चित अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
बाजार और ज्वेलरी बिजनेस पर क्या होगा असर?
ग्राहकों द्वारा पुराना सोना बाजार में वापस लाने (Gold Recycling) से ज्वेलर्स के पास लिक्विडिटी तो बढ़ रही है लेकिन नए सोने की मांग (Fresh Demand) में भारी सुस्ती देखी जा रही है। शादी-ब्याह के सीजन के बावजूद लोग भारी-भरकम ज्वेलरी खरीदने से बच रहे हैं। अगर पुराना सोना इसी रफ्तार से बाजार में आता रहा, तो घरेलू स्तर पर सोने की सप्लाई बढ़ जाएगी, जिससे आने वाले दिनों में कीमतों पर और दबाव देखने को मिल सकता है।