Edited By jyoti choudhary,Updated: 20 Jul, 2026 11:00 AM

सोने में निवेश करने वालों के लिए अब एक नया और आधुनिक विकल्प उपलब्ध है। इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (Electronic Gold Receipts - EGR) के जरिए निवेशक बिना घर या बैंक लॉकर में सोना रखे, सुरक्षित और विनियमित तरीके से सोने का मालिकाना हक हासिल कर सकते हैं।...
बिजनेस डेस्कः सोने में निवेश करने वालों के लिए अब एक नया और आधुनिक विकल्प उपलब्ध है। इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (Electronic Gold Receipts - EGR) के जरिए निवेशक बिना घर या बैंक लॉकर में सोना रखे, सुरक्षित और विनियमित तरीके से सोने का मालिकाना हक हासिल कर सकते हैं। यह व्यवस्था पारंपरिक फिजिकल गोल्ड और डिजिटल निवेश, दोनों के फायदे एक साथ देती है।
क्या है EGR?
EGR एक एक्सचेंज-ट्रेडेड सिक्योरिटी है, जो SEBI द्वारा विनियमित वॉल्ट में रखे गए निश्चित शुद्धता (Purity) वाले फिजिकल गोल्ड के स्वामित्व का प्रतिनिधित्व करती है। इसे शेयरों की तरह डीमैट खाते में रखा जा सकता है और स्टॉक एक्सचेंज पर खरीदा-बेचा जा सकता है।
कब हुई शुरुआत?
भारत में गोल्ड एक्सचेंज का ढांचा 2021 में तैयार किया गया। इसके बाद SEBI और अन्य नियामकीय संस्थाओं ने आवश्यक नियम लागू किए। मई 2026 में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने EGR ट्रेडिंग की शुरुआत की। इससे पहले BSE भी इस सुविधा को शुरू कर चुका था।
कौन खरीद सकता है?
रिटेल निवेशक, ज्वैलर्स, बुलियन ट्रेडर्स, रिफाइनर्स, संस्थागत निवेशक और अन्य पात्र बाजार प्रतिभागी, पंजीकृत स्टॉकब्रोकर के माध्यम से EGR खरीद और बेच सकते हैं। इसके लिए ट्रेडिंग और डीमैट खाता होना जरूरी है।
कैसे होती है ट्रेडिंग?
- EGR की खरीद-बिक्री सोमवार से शुक्रवार तक बाजार समय में होती है।
- इसका सेटलमेंट शेयरों की तरह T+1 आधार पर किया जाता है।
- निवेशक चाहें तो बाद में EGR को फिजिकल गोल्ड में भी बदल सकते हैं।
EGR के प्रमुख फायदे
- सुरक्षित निवेश: सोना SEBI-मान्यता प्राप्त वॉल्ट में सुरक्षित रखा जाता है।
- पारदर्शी कीमत: पूरे देश में एक्सचेंज आधारित एक समान मूल्य खोज (Price Discovery)।
- डीमैट में होल्डिंग: घर या लॉकर में सोना रखने की जरूरत नहीं।
- बेहतर लिक्विडिटी: बाजार समय में कभी भी खरीद-बिक्री की सुविधा।
- पोर्टफोलियो विविधीकरण: निवेशकों के लिए सोने में आसान निवेश विकल्प।
- किन शुद्धता और आकार में उपलब्ध?
क्या होंगे खर्च?
EGR खरीदने पर निवेशकों को ब्रोकरेज, डीमैट और वॉल्ट स्टोरेज शुल्क जैसे कुछ खर्च वहन करने पड़ सकते हैं। यदि निवेशक फिजिकल डिलीवरी लेना चाहते हैं, तो उस पर लागू GST और अन्य शुल्क भी देय होंगे।
निवेशकों के लिए क्यों अहम है?
EGR उन निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है जो फिजिकल गोल्ड की सुरक्षा संबंधी चिंताओं से बचना चाहते हैं और एक्सचेंज के माध्यम से पारदर्शी कीमत पर सोने में निवेश करना चाहते हैं। यह व्यवस्था भारत में गोल्ड ट्रेडिंग को अधिक संगठित, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।