Edited By jyoti choudhary,Updated: 27 Apr, 2026 12:51 PM

भीषण गर्मी के बीच ठंडी चीजों की मांग चरम पर है लेकिन इसी समय लोगों को एक और झटका लगा है। आइसक्रीम, चॉकलेट और ठंडे पेय पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल युद्ध के चलते सप्लाई चेन प्रभावित हुई है,...
बिजनेस डेस्कः भीषण गर्मी के बीच ठंडी चीजों की मांग चरम पर है लेकिन इसी समय लोगों को एक और झटका लगा है। आइसक्रीम, चॉकलेट और ठंडे पेय पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल युद्ध के चलते सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसका असर अब सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से प्लास्टिक और पैकेजिंग सामग्री महंगी हो गई है। साथ ही चॉकलेट और आइसक्रीम में इस्तेमाल होने वाला कोको और ड्राई फ्रूट्स भी आयात होते हैं, जिनकी लागत में तेजी आई है।
ड्राई फ्रूट्स के दाम में उछाल
दिल्ली के थोक बाजार चावड़ी बाजार के व्यापारियों के अनुसार, पिछले दो महीनों में सूखे मेवों की कीमतों में 20–22% तक बढ़ोतरी हुई है। समुद्री परिवहन महंगा होने और बीमा लागत बढ़ने से आयातित सामान की कीमतें बढ़ी हैं।
आइसक्रीम कंपनियों ने बढ़ाए दाम
Naturals Ice Cream ने अपने अधिकांश प्रोडक्ट्स के दाम करीब 10% तक बढ़ा दिए हैं। वहीं Mother Dairy ने भी कुछ आइसक्रीम की कीमतों में इजाफा किया है। कंपनियों का कहना है कि बढ़ती लागत के बीच क्वालिटी बनाए रखने के लिए कीमत बढ़ाना जरूरी हो गया है।
हेजलनट और कोको की लागत में भारी वृद्धि
Pascati Chocolates के अनुसार, हेजलनट की कीमतों में सालाना आधार पर 75% तक की बढ़ोतरी हुई है। तुर्की से आयात प्रभावित होने के कारण अब एयर रूट का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे लागत और बढ़ गई है।
इंस्टेंट ड्रिंक्स की सप्लाई पर असर
लोकप्रिय पेय ब्रांड Rasna की बाजार में कमी देखी जा रही है। पैकेजिंग के लिए जरूरी प्लास्टिक कच्चे माल की कमी के चलते उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिससे मांग के मुकाबले सप्लाई कम हो गई है।