पति ने ही की थी दूसरी पत्नी की हत्या...कौशांबी हाईवे पर बॉक्स में मिली लाश की गुत्थी सुलझी

Edited By Updated: 28 Apr, 2026 12:40 AM

the mystery of the dead body found in a box on the highway has been solved

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में 15 अप्रैल को हाईवे किनारे एक बॉक्स में मिली अज्ञात महिला की लाश के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए मृतका के पति और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है।

नेशनल डेस्कः उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में 15 अप्रैल को हाईवे किनारे एक बॉक्स में मिली अज्ञात महिला की लाश के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए मृतका के पति और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है।

शादीशुदा होने के बाद भी की थी दूसरी शादी
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी हर्ष खिसियानी उर्फ बिट्टू (निवासी दबौली उद्योग नगर, कानपुर) ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। हर्ष ने बताया कि मृतका मोनी वर्मा (30) उसकी दूसरी पत्नी थी, जिससे उसने मंदिर में विवाह किया था। हर्ष पहले से शादीशुदा था और अपनी पहली पत्नी के डर से मोनी को घर से बाहर एक किराये के कमरे में रखता था,।

घर ले जाने की जिद बनी मौत की वजह
आरोपी के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद मोनी अपने हक के लिए अड़ गई और हर्ष के साथ उसके घर में रहने की जिद करने लगी। हर्ष को डर था कि यदि वह मोनी को घर ले गया तो उसकी पहली पत्नी के साथ बड़ा विवाद खड़ा हो जाएगा। इसी कलह को खत्म करने के लिए हर्ष ने खौफनाक साजिश रची और 15 अप्रैल को किराये के कमरे में ही मोनी के स्टॉल (दुपट्टे) से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।

शव को ठिकाने लगाने में साथी ने दिया साथ
हत्या के बाद हर्ष ने अपने दोस्त यश गुप्ता (निवासी यशोदा नगर, कानपुर) की मदद ली,। दोनों ने शव को एक बड़े बॉक्स में भरा और कार के जरिए कानपुर से कौशांबी ले आए, जहां कानपुर-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर कल्यानपुर गांव के पास झाड़ियों में शव फेंक दिया,। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उन्होंने मृतका का हैंडबैग भी कुछ दूरी पर फेंक दिया था।

ऐसे पकड़े गए हत्यारे पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित तीन टीमों ने सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से आरोपियों का सुराग लगाया। 27 अप्रैल को चेकिंग के दौरान पुलिस ने खोजवापुर गांव के पास एक संदिग्ध कार को रोका, जिसमें सवार हर्ष और यश को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में पता चला कि दोनों आरोपी फेंके गए बैग को वापस लेने आए थे, क्योंकि उन्हें डर था कि बैग में मौजूद दस्तावेजों से पुलिस उन तक पहुंच जाएगी।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतका का हैंडबैग बरामद कर लिया है, जिसमें मोनी के दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस मौजूद थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।

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