Edited By Tanuja,Updated: 27 Apr, 2026 11:48 AM

अमेरिका में बढ़ती महंगाई से आम लोग परेशान हैं। डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ नीतियां और ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा कीमतें बढ़ीं। गैस, किराना और बिल महंगे होने से लोगों का बजट बिगड़ रहा है और आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
Washington: अमेरिका में इस समय आम लोगों पर महंगाई का भारी दबाव देखा जा रहा है। किराने का सामान, पेट्रोल और बिजली-पानी जैसे जरूरी खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे दो बड़े कारण हैं डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) की नई टैरिफ (आयात शुल्क) नीतियां और Iran के साथ जारी तनाव, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल आया है। लॉस एंजेलिस की 66 साल की केटी पेयरे जैसी कई लोग इस महंगाई से बुरी तरह प्रभावित हैं। वह एक छोटी नौकरी करती हैं और अपने पोते की देखभाल करती हैं। पहले उनका मासिक खर्च लगभग 2300 डॉलर था, जो अब बढ़कर 2500 डॉलर से ज्यादा हो गया है। उनकी आमदनी लगभग वही है, जिससे अब उनका बजट बिगड़ गया है और उन्हें उधार लेना पड़ रहा है।
इसी तरह, 34 साल के क्रिश्चियन डेविटो, जो एक ग्रॉसरी स्टोर में काम करते हैं, बताते हैं कि पिछले तीन महीनों में उनके खर्च लगभग 15% बढ़ गए हैं। पेट्रोल का खर्च बढ़ने से ऑफिस आना-जाना महंगा हो गया है। पहले वह मनोरंजन पर खर्च कम कर रहे थे, लेकिन अब उन्हें खाने-पीने में भी कटौती करनी पड़ रही है।
सरकारी आंकड़े भी इस स्थिति की पुष्टि करते हैं। मार्च महीने में ऊर्जा कीमतों में लगभग 10.9% की वृद्धि हुई, जिसमें पेट्रोल की कीमतें 21% से ज्यादा बढ़ीं। इसका असर सीधे लोगों के रोजमर्रा के खर्च पर पड़ रहा है। क्योंकि अमेरिका की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा लोगों के खर्च पर निर्भर करता है, इसलिए यह स्थिति आर्थिक विकास को भी धीमा कर सकती है। टैरिफ भी इस महंगाई का एक बड़ा कारण बन रहे हैं। जब सरकार आयात पर टैक्स बढ़ाती है, तो कंपनियां उस अतिरिक्त लागत को सीधे ग्राहकों पर डाल देती हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, टैरिफ के कारण अमेरिकी परिवारों को सालाना करीब 1200 डॉलर तक का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है।
इसके साथ ही, Strait of Hormuz जैसे अहम क्षेत्रों में तनाव के कारण तेल और गैस की कीमतें बढ़ रही हैं। इसका असर सिर्फ पेट्रोल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि ट्रांसपोर्ट और उत्पादन लागत बढ़ने से हर चीज महंगी हो जाती है—चाहे वह खाना हो या रोजमर्रा का सामान। फेडरल रिजर्व (अमेरिकी केंद्रीय बैंक) भी महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरें ऊंची बनाए हुए है। इससे लोन और क्रेडिट कार्ड महंगे हो गए हैं, जिससे लोगों की आर्थिक परेशानी और बढ़ गई है। अब सबकी नजर आने वाली महंगाई रिपोर्ट पर है, जो बताएगी कि हालात और बिगड़ेंगे या कुछ राहत मिलेगी। लेकिन फिलहाल आम अमेरिकी यही उम्मीद कर रहे हैं कि जल्दी ही कोई अच्छी खबर आए, क्योंकि मौजूदा स्थिति में लंबे समय तक टिके रहना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है।