Edited By Pardeep,Updated: 28 Apr, 2026 01:34 AM

मध्य अफ्रीकी देश चाड के पूर्वी हिस्से से हिंसा की एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां जल संसाधन के अधिकार को लेकर दो परिवारों के बीच हुआ मामूली विवाद एक भीषण खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें कम से कम 42 लोगों की मौत हो गई है।
इंटरनेशनल डेस्क: मध्य अफ्रीकी देश चाड के पूर्वी हिस्से से हिंसा की एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां जल संसाधन के अधिकार को लेकर दो परिवारों के बीच हुआ मामूली विवाद एक भीषण खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें कम से कम 42 लोगों की मौत हो गई है।
सेना के हस्तक्षेप के बाद स्थिति काबू में
देश के उप प्रधानमंत्री लिमाने महामत ने वादी फीरा प्रांत के इगोटे गांव का दौरा करने के बाद इस त्रासदी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि शनिवार को हुई इस हिंसक झड़प में 42 लोगों की जान गई है और 10 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए प्रांतीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि बदले की भावना से शुरू हुई यह हिंसा बड़े क्षेत्र में फैल गई, जिसके बाद सेना को मजबूरन हस्तक्षेप करना पड़ा। फिलहाल क्षेत्र में सेना की तैनाती के बाद हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं।
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
उप प्रधानमंत्री महामत ने घोषणा की है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ न्यायिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है ताकि उनकी आपराधिक जिम्मेदारी तय की जा सके। इसके साथ ही गांव में तनाव कम करने के लिए पारंपरिक मध्यस्थता प्रक्रिया भी शुरू की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में अस्थिरता को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
संसाधनों की कमी और शरणार्थियों का दबाव
चाड में संसाधनों, विशेषकर पानी और जमीन को लेकर समुदायों के बीच संघर्ष कोई नई बात नहीं है। पिछले वर्ष भी किसानों और पशुपालकों के बीच हुई लड़ाई में 42 लोगों की मौत हुई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि सूडान में जारी युद्ध के कारण आए लाखों शरणार्थियों की वजह से चाड के पूर्वी प्रांतों में सुरक्षा और संसाधनों पर अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। इसी सुरक्षा खतरे को देखते हुए चाड ने फरवरी में अपनी सीमाओं को "अगली सूचना तक" बंद कर दिया था।