चीन को एक और तगड़ा झटका दे सकता है भारत, केंद्र सरकार ने ऑटो कंपोनैंट इंडस्ट्री से आयात घटाने को कहा

Edited By Updated: 27 Aug, 2021 10:26 AM

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भारत चीन को एक और तगड़ा झटका दे सकता है। केंद्र सरकार ने ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री से आयात घटाने को कहा है। दरअसल नीति आयोग के सी.ई.ओ. अमिताभ कांत ने कहा कि भारतीय ऑटोमोबाइल और कंपोनेट इंडस्ट्री (कल-पुर्जा उद्योग) वाहनों के विभिन्न हिस्सों के लिए चीन...

नई दिल्लीः भारत चीन को एक और तगड़ा झटका दे सकता है। केंद्र सरकार ने ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री से आयात घटाने को कहा है। दरअसल नीति आयोग के सी.ई.ओ. अमिताभ कांत ने कहा कि भारतीय ऑटोमोबाइल और कंपोनेट इंडस्ट्री (कल-पुर्जा उद्योग) वाहनों के विभिन्न हिस्सों के लिए चीन पर आयात निर्भरता खत्म करने पर जोर दे।

उन्होंने भारतीय वाहन कलपुर्जा विनिर्माता संघ (ए.सी.एम.ए.) के 61वें सालाना सत्र में कहा कि ऑटो कंपोनेंट के स्थानीयकरण पर ध्यान देना चाहिए। 

अमिताभ कांत ने कहा कि फेम-2 योजना के तहत चुने गए 9 शहरों में 100 फीसदी इलैक्ट्रिक बसें होने के बाद इलैक्ट्रिक चौपहिया वाहनों को भी प्रोत्साहन देने पर विचार किया जाएगा। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में फिर से संतुलन बनाने, निर्यात बढ़ाने के लिए सरकारी प्रोत्साहन व प्रौद्योगिकी व्यवधानों से ऑटोमोटिव मूल्य श्रृंखला के सभी स्तरों पर नए अवसर पैदा हो रहे हैं। यह बहुत अहम है कि उद्योग सहभागियों के सामने रास्ता एकदम साफ हो और उद्योग पूरी ताकत के साथ आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया का नजरिया एकदम साफ है। लिहाजा, अब स्थानीयकरण को बढ़ावा देना ही होगा।

'बी.एस.-6 मानकों को पूरा करने वाले कंपोनेंट यहीं बनाएं' 
नीति आयोग के सी.ई.ओ. ने कहा, "आयात पर निर्भरता कम करें। मैं चीन से आयात कम करना चाहूंगा। कुछ कंपोनेंट को यहीं तैयार किया जाए, जिन्हें फिलहाल लागत प्रतिस्पर्धा और विकास क्षमताओं के कार चीन से आयात किया जा रहा है।" उन्होंने ऑटोमाबाइल व कलपुर्जा उद्योग को यह भी बताया कि बी.एस.-6 उत्सर्जन नियमों को पूरा करने के लिए जरूरी कुछ। हिस्सों को चीन से मंगाया जाता है। उन्होंने इन हिस्सों को अगली दो तिमाहियों में स्थानीय स्तर पर तैयार करने की कोशिश करने पर जोर दिया।

भारत को सैमीकंडक्टर्स क्षमता बढ़ाने की जरूरतः नरेंद्रन
भारतीय उद्योग परिसंघ (सी.आई.आई.) के अध्यक्ष टी.वी. नरेंद्रन ने कहा कि देश में इलैक्ट्रिक मोबिलिटी के तेजी से बढ़ने के बीच भारत को सैमीकंडक्टर्स क्षमताएं बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश में ऑटो से जुड़े उद्योग को भी अपने निर्यात का विस्तार करना चाहिए और वर्ष 2026 तक वैश्विक सैमीकंडक्टर के निर्यात में कम से कम 5 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करनी चाहिए। नरेंद्रन ने ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ए.सी.एम.ए.) के 61वें वार्षिक सत्र को संबोधित करते उक्त ( बातें कहीं। उन्होंने कहा, “इन रू क्षमताओं को बढ़ाने में हालांकि अभी कि समय लगेगा।"

उधर केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने घरेलू वाहन कलपुर्जा उद्योग से उत्पादन में स्थानीयकरण पहल को जमीन पर लागू करने और अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों में निवेश बढ़ाने के लिए कहा। भारी उद्योग मंत्री ने भारतीय वाहन कलपुर्जा विनिर्माता। संघ (ए.सी.एम.ए.) के वार्षिक सत्र र में कंपनियों से कर्मचारियों के कौशल 5 विकास में निवेश करने के लिए में भी कहा।

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