मारुति के चेयरमैन ने अमेरिकी शुल्क पर कहा, 'एकजुट रहने,धौंस-धमकी के खिलाफ डटे रहने की जरूरत'

Edited By Updated: 28 Aug, 2025 12:47 PM

maruti chairman said on us tariffs  need to remain united stand against intimi

मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आर. सी. भार्गव ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश को भारतीय उत्पादों पर अमेरिका के 50 प्रतिशत शुल्क से निपटने के लिए एकजुट होने और किसी भी तरह की धौंस-धमकी का डट कर सामना करने की जरूरत है। भार्गव ने यहां कंपनी की 44वीं...

नई दिल्लीः मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आर. सी. भार्गव ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश को भारतीय उत्पादों पर अमेरिका के 50 प्रतिशत शुल्क से निपटने के लिए एकजुट होने और किसी भी तरह की धौंस-धमकी का डट कर सामना करने की जरूरत है। भार्गव ने यहां कंपनी की 44वीं वार्षिक आम बैठक में कहा, ‘‘भारतीय होने के नाते यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी गरिमा एवं सम्मान को बनाए रखने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करें और इस मामले में किसी भी प्रकार की धौंस-धमकी के आगे न झुकें... राष्ट्र को एकजुट होना होगा।'' भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका का 50 प्रतिशत शुल्क बुधवार से प्रभावी हो गया। इससे झींगा, परिधान, हीरे, चमड़ा एवं जूते चप्पल तथा रत्न व आभूषण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में निर्यात तथा रोजगार सृजन पर असर पड़ेगा। 

भार्गव ने कहा कि अमेरिकी शुल्क से वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल मच गई है। उन्होंने कंपनी के शेयरधारकों से कहा, ‘‘ आप सभी हाल के महीनों में उत्पन्न हुई वैश्विक अनिश्चितता से वाकिफ हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई मायनों में देशों को अपनी पारंपरिक नीतियों एवं संबंधों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है। कूटनीति में शुल्क का व्यक्तिगत इस्तेमाल पहली बार देखने को मिल रहा है।'' भार्गव ने साथ ही माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के पुनर्गठन की घोषणा को एक बड़ा आर्थिक सुधार करार दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रखे गए प्रस्ताव के परिणामस्वरूप छोटी कारों पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) घटकर 18 प्रतिशत हो जाएगा लेकिन हमें आधिकारिक घोषणा होने तक इंतजार करना होगा।''

भार्गव ने कहा कि यह खुशी की बात है कि सरकार ने यह माना है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता, बाजार के निचले स्तर पर हैं। केंद्र ने जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने पर गठित मंत्रिसमूह (जीओएम) के समक्ष पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो-स्तरीय जीएसटी संरचना के साथ-साथ कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर 40 प्रतिशत की विशेष दर का प्रस्ताव रखा है। जीएसटी वर्तमान में 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की दर से लगाया जाता है। खाद्य एवं आवश्यक वस्तुओं पर शून्य या पांच प्रतिशत कर लगता है, जबकि विलासिता तथा अवगुण वस्तुओं पर 28 प्रतिशत कर लगता है। इसके अतिरिक्त एक उपकर भी लगाया जाता है।  

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