Edited By jyoti choudhary,Updated: 19 Sep, 2026 05:09 PM

भारत के फ्लेक्सिबल ऑफिस स्पेस सेक्टर में प्राइवेट इक्विटी (PE) निवेश में तेजी देखने को मिली है। नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में इस सेक्टर में दो सौदों के जरिए 30.9 मिलियन डॉलर का PE निवेश हुआ। यह पूरे 2025 में हुए
नई दिल्लीः भारत के फ्लेक्सिबल ऑफिस स्पेस सेक्टर में प्राइवेट इक्विटी (PE) निवेश में तेजी देखने को मिली है। नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में इस सेक्टर में दो सौदों के जरिए 30.9 मिलियन डॉलर का PE निवेश हुआ। यह पूरे 2025 में हुए 24.3 मिलियन डॉलर के निवेश से अधिक है, जो चार सौदों के जरिए किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, फ्लेक्स ऑफिस बाजार अब तेजी से विस्तार के बजाय स्केल और कंसोलिडेशन की ओर बढ़ रहा है। निवेशक अब ऑपरेटरों की एंटरप्राइज पहुंच, संचालन क्षमता और कारोबार को बड़े स्तर पर विस्तार देने की क्षमता पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। नाइट फ्रैंक के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में बड़े निवेश सौदों के साथ निवेशकों की वापसी से इस सेक्टर में पूंजी निवेश दोबारा तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
फ्लेक्स ऑफिस सेक्टर में PE निवेश 2017 में 25.3 मिलियन डॉलर से बढ़कर 2019 में 112.3 मिलियन डॉलर हो गया था। महामारी के बाद निवेश चक्र प्रभावित हुआ। इसके बाद 2022 में नौ सौदों के जरिए 594.5 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ, जो इस अवधि का सबसे बड़ा सालाना निवेश था। इसके बाद बाजार के कंसोलिडेशन की ओर बढ़ने के साथ निवेश में कमी आई।
फ्लेक्स ऑफिस से जुड़े लेनदेन की मात्रा में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है। यह 2017 में 2.2 मिलियन वर्ग फुट से बढ़कर 2025 में 18.6 मिलियन वर्ग फुट हो गई। इस दौरान करीब 30 फीसदी की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ दर्ज की गई।
ऑफिस स्पेस की मांग में फ्लेक्स का हिस्सा बढ़ा
2026 की पहली छमाही में देश के आठ प्रमुख शहरों में कुल ऑफिस एब्जॉर्प्शन में फ्लेक्स स्पेस की हिस्सेदारी 24 फीसदी रही, जो 2017 की पहली छमाही में महज 4 फीसदी थी।
H1 2026 में फ्लेक्स ऑफिस लीजिंग 11.4 मिलियन वर्ग फुट रही। इसमें बेंगलुरु 2.9 मिलियन वर्ग फुट के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद पुणे और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में 2.2-2.2 मिलियन वर्ग फुट तथा हैदराबाद में 2 मिलियन वर्ग फुट की लीजिंग दर्ज की गई।
नाइट फ्रैंक इंडिया के इंटरनेशनल पार्टनर और सीनियर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर वायरल देसाई ने कहा कि फ्लेक्स ऑफिस मॉडल कंपनियों को स्थायी रियल एस्टेट प्रतिबद्धताओं को परिवर्तनीय क्षमता में बदलने की सुविधा देता है। इससे कंपनियां अपने कारोबार की वृद्धि की गति और अनिश्चितता के अनुसार ऑफिस स्पेस को समायोजित कर सकती हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लेक्स ऑफिस का इस्तेमाल अब बड़ी कंपनियों में भी तेजी से बढ़ रहा है। बड़ी कंपनियों की हिस्सेदारी फ्लेक्स स्पेस की कुल सीटों में 72 फीसदी है। वहीं, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) की फ्लेक्स स्पेस मांग में 52 फीसदी हिस्सेदारी रही।
नाइट फ्रैंक के अनुसार, फ्लेक्स स्पेस का बढ़ता इस्तेमाल, बड़ी कंपनियों और GCCs की बढ़ती भागीदारी तथा निवेश के बदलते रुझान संकेत देते हैं कि लचीला ऑफिस स्पेस भारत के ऑफिस बाजार का एक महत्वपूर्ण और स्थायी हिस्सा बनता जा रहा है।