चीनी रिफाइनरियों की घरेलू बाजार में 2.5 लाख टन सफेद चीनी बेचने की योजना

Edited By Updated: 09 Sep, 2026 04:52 PM

sugar refineries plan to sell 250 000 tons white sugar domestic market

त्योहारी मौसम से पहले आपूर्ति बढ़ाकर चीनी की कीमतों पर अंकुश लगाने की कोशिशों के बीच देश की चीनी रिफाइनरियां घरेलू बाजार में करीब 2.5 लाख टन सफेद चीनी बेचने की योजना बना रही हैं। उद्योग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी

नई दिल्लीः त्योहारी मौसम से पहले आपूर्ति बढ़ाकर चीनी की कीमतों पर अंकुश लगाने की कोशिशों के बीच देश की चीनी रिफाइनरियां घरेलू बाजार में करीब 2.5 लाख टन सफेद चीनी बेचने की योजना बना रही हैं। उद्योग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। श्री रेणुका शुगर्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुशील कुमार ने भारतीय चीनी एवं जैव-ऊर्जा विनिर्माता संघ (इस्मा) के एक कार्यक्रम से इतर कहा, ''हमने घरेलू बाजार में करीब 2.5 लाख टन एएलएस चीनी बेचने की पेशकश की है।'' 

भारत में श्री रेणुका शुगर्स समेत दो ऐसी चीनी रिफाइनरियां हैं, जो अग्रिम लाइसेंस योजना (एएलएस) के तहत कच्ची चीनी का आयात कर उसे रिफाइन कर निर्यात करती हैं। सरकार ने पिछले महीने इन रिफाइनरियों को एएलएस के तहत रिफाइन की गई चीनी को घरेलू बाजार में बेचने का आदेश दिया था। इसका उद्देश्य त्योहारी मौसम से पहले घरेलू बाजार में चीनी की आपूर्ति बढ़ाना है। कुमार ने कहा कि सरकार के इन कदमों के बाद घरेलू चीनी कीमतों में गिरावट आई है। 

चीनी की मिल स्तर पर कीमत फिलहाल करीब 43-44 रुपए प्रति किलोग्राम है, जो आयातित चीनी की करीब 50 रुपए प्रति किलोग्राम की अनुमानित लागत से कम है। कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने 10 लाख टन चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति देने के साथ थोक उपभोक्ताओं और डीलरों के लिए चीनी के भंडार की सीमा भी कड़ी की है। सरकार ने इससे पहले चीनी के निर्यात पर भी रोक लगाई थी। 

सरकार ने मिलों पर कीमतें बढ़ाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि देश में पर्याप्त चीनी भंडार है। हालांकि, उसने विपणन सत्र 2025-26 में चीनी उत्पादन का अनुमान घटाकर 306 लाख टन कर दिया है, जो पहले 343 लाख टन था। देश में चीनी की सालाना घरेलू मांग करीब 280-285 लाख टन रहने का अनुमान है।

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