Edited By Niyati Bhandari,Updated: 07 Sep, 2026 08:17 PM

Pushya Nakshatra September 2026 Date Time: सितंबर 2026 में नक्षत्रों के राजा पुष्य का अद्भुत संयोग बनने जा रहा है। जानिए खरीदारी, निवेश और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए दो दिनों का विशेष शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि।
Pushya Nakshatra September 2026 Date Time: सनातन धर्म और ज्योतिष शास्त्र में किसी भी नए कार्य की शुरुआत, व्यापार का श्रीगणेश या मूल्यवान वस्तुओं की खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व माना गया है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आकाशमंडल के सभी 27 नक्षत्रों में 'पुष्य नक्षत्र' को सबसे मंगलकारी, अत्यंत पवित्र और सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त है। यही कारण है कि इसे 'नक्षत्रों का राजा' या 'नक्षत्र सम्राट' भी कहा जाता है।
वर्ष 2026 के सितंबर महीने में इस कल्याणकारी नक्षत्र का एक बेहद शुभ और अद्भुत संयोग बनने जा रहा है। यह शुभ योग लगातार दो दिनों तक बना रहेगा, जिससे जातकों को निवेश और मनपसंद वस्तुओं की खरीदारी के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। आइए जानते हैं सितंबर 2026 में पुष्य नक्षत्र की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और इसका ज्योतिषीय महत्व।

Pushya Nakshatra September 2026 Date & Time सितंबर में कब से कब तक रहेगा पुष्य नक्षत्र?
हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार, सितंबर 2026 में पुष्य नक्षत्र का प्रारंभ 7 सितंबर 2026, सोमवार को शाम 06 बजकर 14 मिनट से होने जा रहा है। इस अत्यंत शुभ नक्षत्र का समापन अगले दिन यानी 8 सितंबर 2026, मंगलवार को शाम 04 बजकर 39 मिनट पर होगा। पुष्य नक्षत्र का प्रभाव लगातार दो दिनों तक रहेगा। ज्योतिषविदों के अनुसार, इन दोनों दिनों में किए जाने वाले तमाम मांगलिक कार्य, खरीदारी और निवेश अत्यंत फलदायी और लाभकारी सिद्ध होंगे।
पुष्य नक्षत्र को नई वस्तुओं की खरीदारी हेतु विशेष लाभकारी माना जाता है। पुष्य नक्षत्र सभी नक्षत्रों में सर्वाधिक शुभ व बलवान होने के कारण नक्षत्र राज कहलाता है। विवाह को छोड़कर सभी मांगलिक शुभ कार्यों में पुष्य नक्षत्र का महत्व है। शास्त्रों में पुष्य को सौ दोष दूर करने वाला, शुभ कार्य उद्देश में निशिचत सफलता प्रदान करने वाला व बहुमूल्य वस्तुओं की खरीददारी हेतु सबसे श्रेष्ठ व शुभ फलदाई माना गया है। कार्तिक महीने में पुष्य नक्षत्र का आना अत्यधिक शुभ माना जाता है। शास्त्रनुसार इस दिन विशेष वस्तुओं की खरीदी का विशेष महत्व है। मान्यतानुसार पुष्य नक्षत्र में क्रय की गई विशेष वस्तुएं दीर्घावधि तक कारगर रहकर शुभता प्रदान करती हैं।
ऐसा माना जाता है कि पुष्य नक्षत्र के दिन किए गए हर शुभ कार्य का परिणाम सौ गुणा हो जाता है, इसी तरह इस दिन किया गया दान अक्षत हो जाता है और इस दिन खरीदी गई वस्तुएं भी अक्षत रहेगी।
