Edited By jyoti choudhary,Updated: 10 Sep, 2026 04:47 PM

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सौरभ विजय ने बृहस्पतिवार को कहा कि 'आधार' को वैश्विक स्तर पर ले जाने की दिशा में काम जारी है ताकि प्रवासी भारतीयों (NRI) और भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (OCI) को इस डिजिटल...
नई दिल्लीः भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सौरभ विजय ने बृहस्पतिवार को कहा कि 'आधार' को वैश्विक स्तर पर ले जाने की दिशा में काम जारी है ताकि प्रवासी भारतीयों (NRI) और भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (OCI) को इस डिजिटल पहचान प्रौद्योगिकी का लाभ मिल सके।
यूआईडीएआई के शीर्ष अधिकारी ने वित्तीय प्रौद्योगिकी सम्मेलन 'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026' में एक परिचर्चा के दौरान कहा कि उनकी महत्वाकांक्षा आधार के बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर का सर्वश्रेष्ठ बनाना है, जिससे इसके अंतरराष्ट्रीय विस्तार में मदद मिले। विजय ने कहा, ''आधार को अब अंतरराष्ट्रीय बनाने पर ध्यान है। हम अलग-अलग प्रणालियों के बीच तालमेल की व्यवस्था पर काम करना चाहते हैं, ताकि आधार का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल अधिक आसान हो सके। इसके लिए संकल्पना के स्तर पर काम जारी है।''
उन्होंने कहा कि आधार को अंतरराष्ट्रीय बनाने की दिशा में कानूनी ढांचे पर भी काम चल रहा है। साथ ही, ओसीआई के लिए आधार उपलब्ध कराने संबंधी नीतियां तैयार की जा रही हैं, जिससे निवेश को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने इस सम्मेलन के दौरान तीन उत्पाद पेश किए हैं जिनमें से कुछ का अंतरराष्ट्रीय विस्तार हो सकता है। यूआईडीएआई वित्तीय लेनदेन के प्रमाणीकरण के लिए एनपीसीआई के साथ करीबी तौर पर काम करता है।
विजय ने कहा कि यूआईडीएआई छोटे व्यापारियों को केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) प्रक्रिया के लिए आधार-आधारित प्रमाणीकरण की सुविधा देने के लिए दिशानिर्देश तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि आधार प्रमाणीकरण के जरिये डिजिटल केवाईसी से ग्राहकों को जोड़ने की प्रक्रिया आसान हुई है और यूआईडीएआई के साझेदारों के लिए इसमें लगने वाला समय भी कम हुआ है। यूआईडीएआई के सीईओ ने कहा कि प्राधिकरण इस पूरी प्रक्रिया को और सुगम बनाने के लिए 'आधार लाइट' जैसे नए उत्पादों पर काम कर रहा है। इसके लिए दिशानिर्देश जल्द जारी किए जाएंगे।