तापमान 48.3 डिग्री सैल्सियस रहने के बावजूद नहीं लगे बिजली कट: रणजीत सिंह

Edited By Ajay Chandigarh,Updated: 19 May, 2022 08:02 PM

7050 mw electricity was available from all resources on may 18

हरियाणा के बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि इस वर्ष उत्तरी भारत के राज्यों में भीषण गर्मी पडऩे के कारण मई-माह में तापमान 48.3 डिग्री सैल्सियस तक पहुंचने के बावजूद हरियाणा ही एक ऐसा राज्य रहा, जहां बिजली के कट नहीं लगे और उपलब्धता से अधिक बिजली की...

चंडीगढ़,(बंसल): हरियाणा के बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि इस वर्ष उत्तरी भारत के राज्यों में भीषण गर्मी पडऩे के कारण मई-माह में तापमान 48.3 डिग्री सैल्सियस तक पहुंचने के बावजूद हरियाणा ही एक ऐसा राज्य रहा, जहां बिजली के कट नहीं लगे और उपलब्धता से अधिक बिजली की मांग को पूरा किया। यह सब सरकार के बेहतर बिजली प्रबंधन के चलते ही संभव हो सका। बिजली मंत्री ने यह जानकारी आज यहां अपने चंडीगढ़ कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी। बिजली मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहली मई से निर्बाध बिजली की आपूॢत की जा रही है और पिछले 5 दिनों से रात्रि में कोई भी बिजली के कट नहीं लगे है। किसी प्रकार की तकनीकी खराबी को छोड़ कर यहां तक कि गुरुग्राम व फरीदाबाद जैसे बड़े औद्योगिक शहरों में भी औद्योगिक क्षेत्रों को भी पूरी बिजली दी गई। उन्होंने कहा कि अदानी ग्रुप से 500 मैगावॉट अतिरिक्त बिजली मिलनी आरंभ हो गई है और इससे 500 मैगावॉट और बिजली शीघ्र मिलने लग जाएगी। 

 


3024 मैगावॉट अतिरिक्त बिजली के प्रबंध 
बिजली मंत्री ने बताया कि अदानी ग्रुप से 1424 मैगावॉट, छत्तीसगढ़ से 350 मैगावॉट, मध्यप्रदेश से 150 मैगावॉट, सिक्किम से हाइड्रो-पावर से 500 मैगावॉट अतिरिक्त बिजली खरीद के प्रबंध किए गए हैं। खेदड़ प्लांट की 600 मैगावॉट की एक इकाइ का रुटर खराब हो गया था जो चीन से मंगवा लिया गया है, इसको बदलने में कुछ समय लगेगा, संभावना है कि इस माह के अंत तक इससे भी 600 मैगावॉट अतिरिक्त बिजली मिलने लग जाएगी। इस प्रकार कुल, 3024 मैगावॉट अतिरिक्त बिजली के प्रबंध किए गए हैं। बिजली मंत्री ने कहा कि 18 मई को प्रदेश में सभी संसाधनों से 7050 मैगावॉट बिजली उपलब्ध थी, जबकि बिजली की लगभग 9774 मैगावॉट प्रतिदिन की मांग को पूरा किया गया जो पिछले वर्ष की तुलना में 45.11 प्रतिशत की खपत अधिक थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीक आवर की अवधि 15 जून से 20 जुलाई अर्थात एक महीने तक मानी जाती है। जुलाई में केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा व पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में मानसून पहले ही आ जाता है। इसलिए उन राज्यों से उत्तरी भारत के राज्य बिजली लेते हैं क्योंकि वहां उन समय बिजली की अतिरिक्त मांग नहीं होती है।

 


अप्रैल में 12 रुपए प्रति यूनिट की दर से खरीदी बिजली, अब बाजार में 4 से 6 रुपए में उपलब्ध 
रणजीत सिंह ने कहा कि अप्रैल माह में 12 रुपए प्रति यूनिट की दर से महंगी बिजली खरीदी अब बाजार में भी 4 से 6 रुपए प्रति यूनिट बिजली उपलब्ध है। कृषि क्षेत्र को धान के मौसम के दौरान 8 घंटे बिजली आपूॢत की गई क्योंकि उस समय पानी की अधिक जरूरत होती है। अब कपास का सीजन है इसलिए 5 घंटे बिजली आपूॢत की जा रही है। उन्होंने बताया कि यमुनानगर में 700 मैगावॉट का एक नया प्लांट लगाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। भाखड़ा से 22 मई से हाइड्रो-पावर भी मिलने लग जाएगी ।

 


सौर ऊर्जा नलकूप पर किसानों को केवल 25 प्रतिशत की राशि देनी होगी
बिजली मंत्री ने बताया कि प्रदेश में सौर-ऊर्जा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी विजन है। केंद्र सरकार ने हरियाणा को 15 मैगावॉट सौर उत्पादन का लक्ष्य दिया गया था परंतु हम 50 मैगावॉट सौर ऊर्जा का उत्पादन कर रहे है। सरकारी भवनों, इंजीनियरिंग कालेजों व अन्य बड़े भवनों पर सौर-ऊर्जा संयंत्र लगाए जा रहे हैं। सौर-ऊर्जा नलकूपों के लिए सबसिडी के रूप में केंद्र सरकार की ओर से 30 प्रतिशत तथा हरियाणा सरकार की ओर से 45 प्रतिशत राशि दी जाती है किसान को तो केवल 25 प्रतिशत राशि वहन करनी होती है। 
 

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