जजों को सुरक्षा देने से चंडीगढ़ प्रशासन का इन्कार, हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

Edited By Updated: 29 Aug, 2025 12:55 AM

chandigarh administration refuses to provide security to judges

यू.टी. प्रशासन को नोटिस, दो सप्ताह डी.जी.पी को हलफनामे के जरिए जवाब दाखिल करने के निर्देश

चंडीगढ़ : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट में प्रशासनिक ड्यूटी पर तैनात न्यायिक अधिकारियों को सुरक्षा न दिए जाने के मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। 


चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने कहा कि हम मानते हैं कि हाईकोर्ट में प्रतिनियुक्ति पर तैनात हरियाणा और पंजाब के न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना केंद्र शासित प्रदेश (यू.टी) प्रशासन की जिम्मेदारी है। खंडपीठ ने इस संबंध में यू.टी प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर पुलिस महानिदेशक (डी.जी.पी) के हलफनामे के जरिए जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने यह संज्ञान दरअसल उस प्रस्ताव पर लिया, जिसे हाईकोर्ट की बिल्डिंग कमेटी ने पारित किया था। इस प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया था कि जिला न्यायपालिका के कई अधिकारी जो हाईकोर्ट में प्रतिनियुक्ति पर प्रशासनिक कार्य देख रहे हैं, उन्हें अपेक्षित सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है।


कोर्ट ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा न केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा का प्रश्न है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया और संस्थान की गरिमा से भी जुड़ा हुआ मामला है। इसीलिए प्रशासन को इस मुद्दे पर गंभीरता से कदम उठाने होंगे। कोर्ट ने कहा कि प्रशासन इस तरह से अपने कार्यों से पीछे नहीं हट सकता। न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा अहम मसला है और इससे अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते। 

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