Edited By Niyati Bhandari,Updated: 25 Sep, 2026 10:24 AM

श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भंडारे लगाने वाली संस्थाओं को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अगले वर्ष से अपने व्यंजनों में ‘मिलेट्स’ को भी शामिल करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि भंडारा लगाने वाली संस्थाएं स्वस्थ भारत...
कटड़ा/लुधियाना (विक्की): श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भंडारे लगाने वाली संस्थाओं को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अगले वर्ष से अपने व्यंजनों में ‘मिलेट्स’ को भी शामिल करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि भंडारा लगाने वाली संस्थाएं स्वस्थ भारत के निर्माण में भी नई पहलकदमी करते हुई श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्यवर्धक खानपान को भी बढ़ावा दे सकती हैं।
उपराज्यपाल ने कहा कि मिलेट्स पोषण से भरपूर होते हैं और इनके सेवन को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश में कई तरह की बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है इसी के साथ ही अस्पतालों की गिनती भी बढ़ रही है जिसकी वजह है गलत खानपान।
ऐसे में अमरनाथ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में भंडारा लगाने वाली संस्थाएं अपने भोजन में मिलेट्स से तैयार व्यंजनों को शामिल कर श्रद्धालुओं को पौष्टिक विकल्प उपलब्ध करा सकती हैं।
पिछले महीने सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा पर बाबा बर्फानी के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के लिए यात्रा मार्ग पर भंडारा लगाने वाली विभिन्न राज्यों की करीब 200 भंडारा संस्थाओं को सम्मानित करने के लिए श्री अमरनाथ यात्रा भंडारा ऑर्गेनाइजेशन (सायबो) की ओर से प्रधान राजन कपूर की अध्यक्षता में कटड़ा के स्प्रिचुअल सैंटर में आयोजित एक प्रभावशाली सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि 57 दिनों तक चली श्री अमरनाथ जी की यात्रा ने करोड़ों देशवासियों के सामने आस्था, धैर्य और सामूहिक सद्भाव का जीवंत उदाहरण पेश किया है। उन्होंने कहा कि बारिश और खराब मौसम ने यात्रा को बेहद प्रभावित किया। लेकिन इस बार 4.80 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए जिसमें से 80 प्रतिशत ने तो पहले 20 दिनों में ही पवित्र गुफा में अपनी हाजिरी लगवा ली थी।
ये भंडारा संचालक रहे शामिल
महंत गोपाल दास (कठुआ), महंत वीरेंद्र दास (कटरा), नरेश कुमार (दिल्ली), राजीव सेठी (दिल्ली), हर्ष ऋषि (पंचकूला), शिव कुमार शैंकी (मानसा), पवन साबू (अमृतसर), अमित विज (शाहकोट), परवीन बिंदल (हरियाणा), रत्नेश वर्मा शेलू (कानपुर), बलदेव अरोड़ा (राजस्थान), राम कुमार (हिमाचल), हरचरण शेरी (मलोट), कमलजीत माघी (बुढलाडा), अमित शर्मा (खन्ना), संत गर्ग (लुधियाना), अशोक कुमार (जालंधर), राजनीश कुमार, प्रिंस सिंगला, विजय गर्ग (चीका, दिल्ली), संजय अरोड़ा (दिल्ली), टोनी मौर (मंडी), त्रिलोक ओबराय (बठिंडा), शंकर दास (हरियाणा), सुदर्शन (गुजरात), डॉ. मनोरमा (दिल्ली), लक्की (अजनाला), कपिल कश्यप, विवेक गुड्डू (मुरादाबाद)।