Edited By Sarita Thapa,Updated: 25 Jun, 2026 07:55 AM

केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि निर्वाचित स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों को कानून में निर्धारित तरीके से ही शपथ लेनी होगी।
कोच्चि (एजैंसी): केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि निर्वाचित स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों को कानून में निर्धारित तरीके से ही शपथ लेनी होगी। अदालत ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के भाजपा के कई पार्षदों द्वारा ली गई उन शपथों को अमान्य करार दिया, जिनमें उन्होंने ‘ईश्वर’ या ‘सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान’ की बजाय अन्य नामों का उल्लेख किया था। न्यायमूर्ति पी.वी. कुन्हीकृष्णन ने अपने फैसले में कहा कि केरल नगर पालिका अधिनियम और केरल पंचायत राज अधिनियम के तहत निर्वाचित सदस्यों को शपथ या तो ‘ईश्वर के नाम पर’ या ‘सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान’ के साथ लेनी होगी।
अदालत ने स्पष्ट किया कि शपथ लेते समय किसी विशेष देवी-देवता, ‘भारत माता’, किसी राजनीतिक आंदोलन के शहीदों, संगठन या व्यक्ति का नाम शामिल करने की अनुमति इन कानूनों में नहीं है। यह मामला तब सामने आया, जब तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 20 पार्षदों ने विभिन्न हिंदू देवी-देवताओं, ‘भारतंबा’, ‘भारत माता’, गुरुदेव और राजनीतिक आंदोलन के शहीदों के नाम पर शपथ ली थी। अदालत ने कहा कि शपथ ठीक उसी रूप में दिलाई जानी चाहिए, जैसा कानून में निर्धारित है।
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