भोजशाला में नमाज की अनुमति नहीं, सुप्रीम कोर्ट का मुस्लिम पक्ष को परिसर के पास अलग जगह देने का निर्देश

Edited By Updated: 15 Jul, 2026 11:17 AM

no namaz inside bhojshala

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मध्यप्रदेश के धार जिले में भोजशाला-कमाल मौला परिसर को देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर घोषित करने और उस स्थान पर नमाज अदा करने पर रोक लगाने के हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर नोटिस जारी करने का आदेश दिया।

नई दिल्ली (एजैंसी): सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मध्यप्रदेश के धार जिले में भोजशाला-कमाल मौला परिसर को देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर घोषित करने और उस स्थान पर नमाज अदा करने पर रोक लगाने के हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर नोटिस जारी करने का आदेश दिया। 

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने हालांकि उस पुरानी व्यवस्था को बहाल करने वाली अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया, जिसके तहत मुस्लिमों को परिसर में शुक्रवार की नमाज अदा करने की अनुमति थी जबकि हिंदू तय दिनों में पूजा करते थे।

पीठ ने मध्यप्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह मुस्लिम पक्ष को शुक्रवार की नमाज दोपहर एक बजे से तीन बजे के बीच अदा करने के लिए विवादित स्थल से सटा हुआ एक अलग खुला स्थान प्रदान करे। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था पूरी तरह से अस्थायी है, जो मामले के अंतिम परिणाम के अधीन होगी और इससे किसी भी पक्ष के अधिकारों या दावों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। 

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