Share Market Crash: सेंसेक्स-निफ्टी फिसले, इन वजहों से लाल हुआ शेयर बाजार

Edited By Updated: 14 Jul, 2026 03:33 PM

share market crash stock market turns red due to these reasons

मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों तेजी के कारण निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की ताजा बिकवाली और वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख से भी बाजार पर दबाव बना।

बिजनेस डेस्कः कच्चे तेल के दाम में तेजी के बीच स्थानीय शेयर बाजार में मंगलवार को गिरावट आई और दोनों मानक सूचकांक नुकसान में रहे। बीएसई सेंसेक्स 561 अंक टूट गया जबकि एनएसई निफ्टी में 159 अंक की गिरावट आई। पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ने से कच्चे तेल के दाम में तेजी आई है और निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। साथ ही विदेशी पूंजी की निकासी और रुपए में गिरावट का भी बाजार पर प्रतिकूल असर पड़ा।

तीन दिन की बढ़त के बाद, 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 561.46 अंक यानी 0.72 प्रतिशत टूटकर 77,054.94 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, यह 614.92 अंक यानी 0.79 प्रतिशत टूटकर 77,001.48 अंक पर आ गया था। इसी तरह, 50 शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 158.95 अंक यानी 0.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,052.05 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में एचसीएल टेक में सबसे अधिक 4.42 प्रतिशत की गिरावट आई।

इसके अलावा बजाज फिनसर्व, इंटरग्लोब एविएशन, भारतीय स्टेट बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और लार्सन एंड टुब्रो भी प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में भारती एयरटेल, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, सन फार्मा, टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स और इटर्नल शामिल हैं। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 4.26 प्रतिशत बढ़कर 86.85 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ''पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी तेजी आई। इससे घरेलू शेयर बाजार पर फिर से दबाव बढ़ गया। इससे यह आशंका पैदा हुई है कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में समस्या भारत में कंपनियों की कमाई में सुधार को और धीमा कर देंगी।'' उन्होंने कहा कि रुपए के 96 प्रति डॉलर के स्तर को पार करने से भी स्थिति और खराब हो गई। इससे आयातित महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।

इस बीच, खाने-पीने और गैर-खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से जून में थोक महंगाई दर बढ़कर 9.87 प्रतिशत हो गई जबकि मई में यह 9.68 प्रतिशत थी। एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट बढ़त के साथ बंद हुए। हांगकांग के हैंग सेंग में भी तेजी रही। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 3,062.27 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। सेंसेक्स सोमवार को 47.01 अंक यानी 0.06 प्रतिशत बढ़कर 77,616.40 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 4.10 अंक की मामूली बढ़त के साथ 24,211 अंक पर रहा था।  

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