Edited By Niyati Bhandari,Updated: 06 Jan, 2026 09:25 AM

सिख मामलों में हस्तक्षेप के मुद्दे पर श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान को 15 जनवरी को अकाल तख्त पर तलब करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस संबंध में जब एक प्रैस कान्फ्रैंस के दौरान पत्रकारों ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डा. बलबीर सिंह...
पटियाला (राजेश): सिख मामलों में हस्तक्षेप के मुद्दे पर श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान को 15 जनवरी को अकाल तख्त पर तलब करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस संबंध में जब एक प्रैस कान्फ्रैंस के दौरान पत्रकारों ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डा. बलबीर सिंह से सवाल किए तो उन्होंने कहा कि अकाल तख्त साहिब का यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी और अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार की कुर्सी दोनों को समान बताते हुए कहा कि दोनों ही बड़ी अथॉरिटीज हैं। इस संबंध में फैसला मुख्यमंत्री साहिब लेंगे, लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब को ऐसा निर्णय नहीं लेना चाहिए था। स्वास्थ्य मंत्री के इस बयान के बाद सिखों में रोष की लहर है।
शिरोमणि अकाली दल (पुनरुत्थान) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने कहा कि अकाल तख्त सिख पंथ के लिए सर्वोच्च है। मुख्यमंत्री आते-जाते रहते हैं, जबकि अकाल तख्त साहिब सर्वोच्च अथॉरिटी है। उनके अनुसार डा. बलबीर सिंह के बयान से स्पष्ट हो गया है कि पंजाब सरकार श्री अकाल तख्त साहिब से टकराव के मूड में है।
पटियाला के पूर्व मेयर और पटियाला शहरी हलके के इंचार्ज अमरिंदर सिंह बजाज ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की तुलना मुख्यमंत्री से नहीं की जा सकती।