Edited By Sarita Thapa,Updated: 09 Sep, 2026 03:51 PM

हिंदू धर्म में राधा अष्टमी के पर्व का बहुत खास महत्व है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को पूरे देश में राधा अष्टमी का पर्व बहुत धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस साल राधा अष्टमी का व्रत 19 सितंबर, 2026 को मनाया जाएगा।
Radha Ashtami 2026 Items To Buy : हिंदू धर्म में राधा अष्टमी के पर्व का बहुत खास महत्व है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को पूरे देश में राधा अष्टमी का पर्व बहुत धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस साल राधा अष्टमी का व्रत 19 सितंबर, 2026 को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन दिन बरसाना में श्री राधा रानी का प्राकट्य हुआ था। राधा अष्टमी के शुभ अवसर पर घर में कुछ विशेष और पवित्र वस्तुएं लाना बहुत फलदायी माना जाता है। यदि आप भी अपने जीवन से आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव और वास्तु दोषों को दूर करना चाहते हैं, तो इस दिन ये चीजें घर जरूर लेकर आना चाहिए।
वैजयंती माला
भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी को वैजयंती के फूल तथा इसकी माला अत्यंत प्रिय हैं। राधा अष्टमी के दिन घर में वैजयंती माला लाकर भगवान कृष्ण और राधा जी के चरणों में अर्पित करें और बाद में इसे मंदिर में सुरक्षित रख दें या धारण करें। ऐसा करने से आर्थिक तंगी दूर होती है, आय के नए स्रोत बनते हैं और घर का वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है।

बांसुरी
बांसुरी को प्रेम, शांति और सद्भाव का प्रतीक माना गया है। राधा-कृष्ण का परस्पर प्रेम बांसुरी के सुरीले सुरों में झलकता है। इस दिन लकड़ी या चांदी की एक छोटी सी बांसुरी खरीदकर लाएं। इसे पूजा स्थान पर राधा-कृष्ण के विग्रह के समीप रखें और पंचामृत से अभिषेक कराएं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में बांसुरी रखने से पारिवारिक सदस्यों के बीच आपसी प्रेम बढ़ता है, गृह-क्लेश हमेशा के लिए समाप्त होता है और घर का वास्तु दोष दूर होता है।
चांदी की पायले या बिछिया
राधा रानी को सुहाग और सौभाग्य की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। इस दिन अपने सामर्थ्य अनुसार शुद्ध चांदी की पायल या बिछिया खरीदकर लाएं। पहले इसे पूजा के समय माता राधा रानी के चरणों में स्पर्श कराएं, फिर इसे घर की सुहागिन महिला को उपहार स्वरूप दें या स्वयं धारण करें। इस उपाय से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है, दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहती है और मां लक्ष्मी का स्थाई निवास घर में होता है।
