Edited By Niyati Bhandari,Updated: 28 Sep, 2026 01:08 PM

पाकिस्तान में रहने वाले सिख समुदाय के लिए एक अच्छा समाचार सामने आया है। पाकिस्तान में अब सिख समुदाय की शादियां कानूनी तौर पर रजिस्टर होंगी। यह क्रम सर्वप्रथम खैबर पख्तूनख्वा में लागू होगा।
गुरदासपुर, पेशावर (विनोद): पाकिस्तान में रहने वाले सिख समुदाय के लिए एक अच्छा समाचार सामने आया है। पाकिस्तान में अब सिख समुदाय की शादियां कानूनी तौर पर रजिस्टर होंगी। यह क्रम सर्वप्रथम खैबर पख्तूनख्वा में लागू होगा।
इसी मकसद के तहत, पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सिख शादियों को पूरी कानूनी मान्यता और सुरक्षा देने के प्रस्ताव वाले कानून का सांसदों, सरकारी अधिकारियों और सिख समुदाय के प्रतिनिधियों ने एक सलाह-मशवरे वाली मीटिंग में रिव्यू किया।
अल्पसंख्यक समुदाय के संसद मैंबर व वाइस-चेयरमैन और प्रोविंशियल असैंबली के सदस्य गुरपाल सिंह ने कहा कि इस हफ्ते की शुरुआत में हुई मीटिंग में ‘खैबर पख्तूनख्वा सिख आनंद कारज बिल, 2026’ के मुख्य नियमों, इसकी मौजूदा स्थिति और प्रोविंशियल असैंबली में पेश किए जाने से पहले बाकी कदमों पर चर्चा हुई।
लोकल गवर्नमैंट के फैमिली लॉज के फोकल पर्सन, मोहम्मद सईद-उर-रहमान ने मीटिंग में लीगल प्रोसैस के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लॉ डिपार्टमैंट से जांच के बाद, बिल को कैबिनेट कमेटी ऑन लॉ-मेकिंग के पास भेजा जाएगा। कैबिनेट कमेटी से मंजूरी मिलने के बाद, इसे प्रोविंशियल कैबिनेट के सामने रखा जाएगा और फिर आखिरी विचार के लिए खैबर पख्तूनख्वा असैंबली में पेश किया जाएगा।
प्रस्तावित कानून का मकसद सिख शादियों के लिए एक साफ लीगल फ्रेमवर्क देना है, जिसमें आनंद कारज सैरेमनी, मैरिज सर्टिफिकेट का जरूरी रजिस्ट्रेशन और जारी करना, शादी के अधिकार और जिम्मेदारियां, मैंटीनैंस, बच्चों की कस्टडी, सुलह और तलाक जैसी बातें शामिल हैं। बिल के तहत, शादी करने के लिए दोनों पार्टियों की कम से कम उम्र 18 साल होनी चाहिए और दोनों पार्टियों की पूरी और आजाद सहमति जरूरी है।