Edited By Sarita Thapa,Updated: 13 Sep, 2026 09:57 AM

श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले प्रकाश पर्व के अवसर पर सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब और गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरकत की।
अमृतसर (सर्बजीत): श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले प्रकाश पर्व के अवसर पर सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब और गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरकत की। इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के उपरांत श्री गुरु ग्रंथ साहिब की छत्रछाया और पांच प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन सजाया गया जो सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचकर सम्पन्न हुआ।
नगर कीर्तन की रवानगी के समय सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी अमरजीत सिंह, शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार टेक सिंह ने पांच प्यारों, निशानची और नगारची सिंहों को सिरोपा देकर सम्मानित किया। इस दौरान ज्ञानी अमरजीत सिंह ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पावन बाणी सिखों के जीवन का आधार है और हर सिख का कर्त्तव्य है कि वह गुरबाणी में दर्शाए मार्ग पर चलकर जीवन व्यतीत करे।
शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि 5वें पातशाह श्री गुरु अर्जुन देव ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब का संपादन करवाकर संगत को गुरबाणी से जोड़ा। गुरबाणी मानवता को जीवन का मार्ग दिखाती है। मानव जीवन को सुखद बनाने के लिए गुरबाणी एक महत्वपूर्ण मार्ग है।
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