Edited By Tanuja,Updated: 13 Sep, 2026 11:22 AM

एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने एआई के विकास की रफ्तार धीमी करने की अपील की है। उन्होंने चेताया कि छह से 12 महीनों में एआई बेहद शक्तिशाली होकर इंटरनेट पर अप्रत्यक्ष प्रभाव जमा सकता है। एआई कंपनियों के पूर्व कर्मचारियों ने भी ‘सुपरइंटेलिजेंस’ की...
New York: कृतिम मेधा यानि AI की बढ़ती ताकत को लेकर अब ऐसी चेतावनी सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई ने कहा है कि अगर AI के विकास की रफ्तार पर लगाम नहीं लगाई गई तो आने वाले महीनों में यह इंसानों की क्षमता से कहीं आगे निकल सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि अगले छह से 12 महीनों में AI इतना शक्तिशाली हो सकता है कि वह पूरे इंटरनेट पर अप्रत्यक्ष रूप से कब्जा जमाने की क्षमता हासिल कर ले। यानी इंसानों की मदद के लिए बनाई जा रही यह तकनीक अगर नियंत्रण से बाहर हुई तो खुद मानवता के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। अमोदेई ने कहा कि AI उद्योग को अपने विकास की रफ्तार कुछ धीमी करनी चाहिए, ताकि सुरक्षा उपायों को भी मजबूत होने का पर्याप्त समय मिल सके। उनका मानना है कि AI की क्षमता जिस तेजी से बढ़ रही है, सुरक्षा और उसे मानव हितों के अनुरूप रखने की व्यवस्था उस गति से आगे नहीं बढ़ पा रही है।
उन्होंने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित एक लेख में AI उद्योग पर निगरानी बढ़ाने की योजना भी पेश की। अमोदेई के मुताबिक, अगर AI की रफ्तार कम करने से दुनिया को एक-दो साल अतिरिक्त मिलते हैं तो इस समय का इस्तेमाल AI प्रणालियों की सुरक्षा और उनके मानवीय मूल्यों के अनुरूप विकास पर किया जा सकता है। इससे किसी बड़ी गड़बड़ी के जोखिम को काफी कम किया जा सकता है। AI को लेकर सबसे बड़ी चिंता अब उसकी बढ़ती क्षमता को लेकर है। लगातार ऐसी रिपोर्ट सामने आ रही हैं कि AI प्रणालियां जटिल कामों को इंसानों से बेहतर तरीके से करने में सक्षम हो रही हैं। लेकिन जितनी तेजी से उनकी क्षमता बढ़ रही है, उतना ही बड़ा सवाल यह है कि अगर भविष्य में ये प्रणालियां इंसानी नियंत्रण से बाहर हो गईं तो क्या होगा।
अमोदेई की चेतावनी ऐसे समय आई है जब AI उद्योग के भीतर से भी सुरक्षा को लेकर आवाजें उठ रही हैं। उनका कहना है कि कंपनियां अत्यधिक सक्षम AI या ‘सुपरइंटेलिजेंस’ विकसित करने की होड़ में हैं। इस दौड़ में अगर सुरक्षा पीछे छूट गई तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।एंथ्रोपिक के पूर्व कर्मचारी जो बेंटन ने शुक्रवार को अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि AI कंपनियों में सुरक्षा पर काम करने वाले कई लोग दुनिया के लिए सही काम करना चाहते हैं। लेकिन उन्हें लगता है कि कंपनियां ‘सुपरइंटेलिजेंस’ बनाने की दौड़ में फंस गई हैं।बेंटन ने कहा कि अगर कोई कंपनी इस दौड़ से पीछे हटती है तो दूसरी कम जिम्मेदार कंपनी उससे आगे निकल सकती है। वहीं, अगर कंपनी दौड़ में बनी रहती है तो उसके खुद बड़े नुकसान का हिस्सा बनने का खतरा भी पैदा हो जाता है।
इससे पहले इसी सप्ताह AI शोधकर्ता जैकब कॉक्सन ने भी एंथ्रोपिक से इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा था कि एंथ्रोपिक और ओपनएआई दोनों ‘सुपरइंटेलिजेंस’ की दिशा में तेजी से बढ़ रही हैं और इस प्रक्रिया में पूरी मानवता की सुरक्षा को जोखिम में डाला जा रहा है। AI को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी Open AI के CEO सैम ऑल्टमैन ने भी ‘फॉर्च्यून’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि उनकी कंपनी इस साल शेयर बाजार में अपना प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी IPO नहीं लाएगी। कंपनी का कहना है कि फिलहाल उसका ध्यान सुरक्षा और AI को मानव हितों के अनुरूप रखने पर है। ऐसे में एंथ्रोपिक प्रमुख की चेतावनी ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि AI की रफ्तार कितनी तेज होनी चाहिए और इंसानों को इस तकनीक पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए कितनी तैयारी की जरूरत है।