ब्रिक्स का नई दिल्ली घोषणापत्र भारत के दूरदर्शी नेतृत्व को दर्शाता है : हिमंत विश्व शर्मा

Edited By Updated: 13 Sep, 2026 11:22 AM

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने ब्रिक्स देशों के नई दिल्ली घोषणापत्र की सराहना करते हुए कहा कि यह बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारतीय विदेश नीति के 'व्यावहारिक, समावेशी और दूरदर्शी नेतृत्व' को दर्शाता है।

गुवाहाटीः असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने ब्रिक्स देशों के नई दिल्ली घोषणापत्र की सराहना करते हुए कहा कि यह बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारतीय विदेश नीति के ''व्यावहारिक, समावेशी और दूरदर्शी नेतृत्व'' को दर्शाता है। नयी दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान स्वीकार किए गए घोषणापत्र में ब्रिक्स देशों की मादक पदार्थ रोधी एजेंसियों के प्रमुखों द्वारा हाल में जारी गुवाहाटी घोषणापत्र का भी स्वागत किया गया है। इसमें कहा गया है कि इससे ''ब्रिक्स देशों की मादक पदार्थ रोधी एजेंसियों के बीच अभियानगत और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।''

शर्मा ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ''यह दस्तावेज (नयी दिल्ली घोषणापत्र) बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारतीय विदेश नीति के व्यावहारिक, समावेशी और दूरदर्शी नेतृत्व का उदाहरण है।'' उन्होंने इस ऐतिहासिक दस्तावेज को सफलतापूर्वक स्वीकार किए जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना की। शर्मा ने कहा, ''यह घोषणापत्र भारत की अध्यक्षता की सफलता का सशक्त प्रमाण है। यह विषयवस्तु की दृष्टि से ठोस और दृष्टिकोण के लिहाज से दूरगामी है।'' उन्होंने कहा, ''बहुपक्षीय सुधार और आतंकवाद से मुकाबले से लेकर नयी प्रौद्योगिकी, कृषि एवं पशु संरक्षण के क्षेत्र में करीबी सहयोग तक कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर वैश्विक शक्तियों के बीच सहमति बनी है। इसमें 'ग्लोबल साउथ' की आवाज को भी शामिल किया गया है।''

'ग्लोबल साउथ' से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें विकासशील, अल्प विकसित या अविकसित के रूप में जाना जाता है। ये मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लातिन अमेरिका में स्थित हैं। मुख्यमंत्री ने 45 पृष्ठ के नयी दिल्ली घोषणापत्र में गुवाहाटी का उल्लेख किए जाने को लेकर कहा, ''ब्रिक्स घोषणापत्र ने ब्रिक्स देशों की मादक पदार्थ रोधी एजेंसियों के प्रमुखों द्वारा स्वीकार किए गए गुवाहाटी घोषणापत्र को मादक पदार्थों के खिलाफ अभियानगत और तकनीकी सहयोग मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में औपचारिक मान्यता दी है।''

शर्मा ने कहा कि नई दिल्ली घोषणापत्र में गुवाहाटी घोषणापत्र का उल्लेख ''अत्यंत प्रतीकात्मक और महत्वपूर्ण कदम'' है क्योंकि असम मादक पदार्थों की तस्करी के एक महत्वपूर्ण मार्ग पर स्थित है। जुलाई में स्वीकार किए गए गुवाहाटी घोषणापत्र में राष्ट्रीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप सदस्य देशों के बीच सूचनाओं, खुफिया जानकारी और सर्वोत्तम तौर-तरीकों को समय पर साझा करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था।

घोषणापत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कानून प्रवर्तन और नियामकीय प्रयासों को मजबूत करने के लिए नवीन प्रौद्योगिकियों, डिजिटल माध्यमों और आंकड़ों पर आधारित तरीकों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया था। वर्ष 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का मुख्य विषय 'लचीलेपन, नवोन्मेष, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' है। भारत की अध्यक्षता में छह-सात जुलाई को गुवाहाटी में ब्रिक्स देशों की मादक पदार्थ रोधी एजेंसियों के प्रमुखों की दो दिवसीय बैठक हुई थी, जिसमें ब्राजील, चीन, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस और संयुक्त अरब अमीरात ने भाग लिया था। 

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