Edited By Niyati Bhandari,Updated: 04 Aug, 2026 10:28 AM

Residential Shop Vastu: क्या आपके घर के सामने दुकान है? जानिए दिशा, फ्लोर लेवल और कनेक्टिविटी के वे विशेष वास्तु नियम जो आपके व्यापार को देंगे नई ऊंचाई और घर में रखेंगे सुख-शांति।
Residential Shop Vastu: आज के दौर में आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में लोग अक्सर अपने घर के सामने वाले हिस्से में ही छोटी दुकान का निर्माण कर लेते हैं। यह न केवल सुविधाजनक होता है, बल्कि व्यवसाय के लिए बेहद किफायती भी साबित होता है। इसे लोग या तो अपने व्यवसाय के लिए उपयोग करते हैं या किराये पर दे देते हैं। हालांकि, वास्तु शास्त्र की दृष्टि से यदि दुकान का निर्माण गलत दिशा में हो या निर्माण में चूक रह जाए, तो यह न केवल व्यवसाय को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार में कलह, आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी पैदा कर सकता है। अतः घर में दुकान बनाने के लिए कुछ विशेष वास्तु नियमों का पालन करना अनिवार्य है ताकि घर और व्यवसाय दोनों में सकारात्मकता बनी रहे।

उत्तर मुखी घर में यदि दुकान का निर्माण करना हो तो दुकान का स्थान उत्तर-पश्चिम दिशा में चुनना चाहिए और घर में प्रवेश के लिए मुख्य द्वार उत्तर-ईशान कोण में होना चाहिए।
इसी प्रकार, पूर्व मुखी घर में दुकान को पूर्व-आग्नेय दिशा में और घर की एंट्री को पूर्व-ईशान दिशा में रखना शुभ होता है।
दक्षिण मुखी घरों के लिए दुकान का निर्माण दक्षिण-नैऋत्य दिशा में करना चाहिए और घर का प्रवेश द्वार दक्षिण-आग्नेय दिशा में रखा जाना चाहिए।
पश्चिम मुखी घर की स्थिति में दुकान का निर्माण पश्चिम-नैऋत्य दिशा में और प्रवेश द्वार का निर्माण पश्चिम-वायव्य दिशा में करना वास्तु सम्मत माना गया है।

दुकान के फ्लोर लेवल (ऊंचाई) को लेकर भी वास्तु में स्पष्ट निर्देश हैं। उत्तर और पूर्व मुखी घरों में दुकान का फ्लोर लेवल घर के फ्लोर लेवल के बिल्कुल बराबर होना चाहिए। इसे घर के लेवल से ऊंचा या नीचा रखने से बचना चाहिए। इसके विपरीत, दक्षिण और पश्चिम मुखी दुकानों का फ्लोर लेवल घर के फ्लोर लेवल से थोड़ा ऊंचा रखना फायदेमंद होता है।
अंत में, कई लोग इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि क्या घर के अंदर से दुकान की कनेक्टिविटी देना सही है। वास्तु के अनुसार, घर के अंदर से दुकान को जोड़ने के लिए रास्ता या दरवाजा देना पूरी तरह सुरक्षित है। यदि उपरोक्त नियमों का पालन करते हुए सही दिशा में यह कनेक्टिविटी दी जाए, तो इससे कोई वास्तु दोष उत्पन्न नहीं होता है। इन सरल वास्तु सिद्धांतों को अपनाकर आप अपने घर को शांति का केंद्र और व्यवसाय को समृद्धि का आधार बना सकते हैं।
वास्तु गुरु कुलदीप सलूजा
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