Edited By Sarita Thapa,Updated: 09 Jul, 2026 11:18 AM

वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार बहुत खास महत्व है। माना जाता है कि घर में प्रवेश होने वाली सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा यही से गुजरती है।
Vastu items for main door : वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार बहुत खास महत्व है। माना जाता है कि घर में प्रवेश होने वाली सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा यही से गुजरती है। ऐसे में मुख्य द्वार को साफ रखना बहुत जरूरी है। यदि घर में लगातार पैसों की तंगी रहती है, गृहक्लेश होता है या तरक्की रुकी हुई है, तो वास्तु के अनुसार मुख्य द्वार की चौखट पर कुछ विशेष चीजें रखने से आपकी किस्मत चमक सकती है। तो आइए जानते हैं वो कौन सी चीजें हैं, जो आपके घर को खुशियों से भर देंगी।
चौखट पर हल्दी और पानी का छिड़काव
वास्तु शास्त्र के अनुसार, रोजाना सुबह उठकर घर की सफाई करने के बाद मुख्य द्वार की चौखट पर साफ पानी में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर छिड़काव करना बेहद शुभ होता है। हल्दी को पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। ऐसा करने से घर के भीतर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है और धन की देवी मां लक्ष्मी का वास होता है।
स्वास्तिक और लाभ-शुभ का चिह्न
अपने घर के मुख्य द्वार की चौखट के ऊपर या दोनों तरफ सिंदूर या हल्दी से स्वास्तिक का चिह्न जरूर बनाएं। इसके साथ ही 'शुभ-लाभ' लिखना न भूलें। स्वास्तिक नकारात्मक शक्तियों को घर के अंदर आने से रोकता है और परिवार के सदस्यों के बीच प्यार बढ़ाता है।
मुख्य द्वार पर तोरण लगाना
सदियों से हमारे यहां त्योहारों पर तोरण लगाने की परंपरा है, लेकिन वास्तु के अनुसार मुख्य द्वार पर हमेशा आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगा होना चाहिए। यदि असली पत्ते संभव न हों, तो आप गेंदे के फूलों या मोतियों से बना सुंदर तोरण भी लटका सकते हैं। यह घर में आने वाले मेहमानों के साथ-साथ शुभ ऊर्जा को आकर्षित करता है।

तांबे या पीतल के बर्तन में पानी और फूल
मेन गेट के पास या चौखट के ठीक बगल में एक छोटे से तांबे या मिट्टी के पात्र में साफ पानी भरकर उसमें कुछ ताजे फूल तैरने के लिए रख दें। ध्यान रहे कि इस पानी को रोज बदलें। यह न केवल देखने में खूबसूरत लगता है, बल्कि घर की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करता है।
दहलीज की नियमित पूजा और दीपक
शाम के समय घर की चौखट के दाईं ओर घी या सरसों के तेल का एक दीपक जरूर जलाएं। दीपक का मुख बाहर की तरफ होना चाहिए। इससे घर का अंधकार और दरिद्रता दूर होती है तथा राहु-केतु जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं।

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