Edited By Niyati Bhandari,Updated: 08 Jul, 2026 03:07 PM

Vastu Remedies for Prosperity: घर में सुख-शांति और धन वृद्धि के लिए अपनाएं ये सरल वास्तु टिप्स। बिना तोड़-फोड़ के बदलें अपने घर की ऊर्जा और पाएं मां लक्ष्मी का आशीर्वाद।
Vastu Remedies for Prosperity: आज के आधुनिक युग में वास्तु शास्त्र के अनुसार नए घर का निर्माण करना तो सरल है, लेकिन पहले से बने हुए मकान या फ्लैट में तोड़-फोड़ करना न केवल खर्चीला है, बल्कि मानसिक तनाव का कारण भी बनता है। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि कड़ी मेहनत के बाद भी घर में बरकत नहीं होती या परिवार में कलह बनी रहती है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, बिना किसी निर्माण परिवर्तन के भी कुछ सरल उपायों को अपनाकर आप अपने जीवन में समृद्धि और शांति ला सकते हैं।
मुख्य द्वार से प्रवेश करेगी सुख-समृद्धि
वास्तु शास्त्र में घर का मुख्य द्वार ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत माना जाता है। यदि यहां दोष हो, तो आर्थिक तंगी बनी रहती है।
वास्तु यंत्र: मुख्य द्वार पर चार-चार इंच का ताम्र धातु (तांबे) से बना 'वास्तु दोष निवारण यंत्र' जरूर लगाएं। मुख्य द्वार की चौखट के ऊपर बीच में अंदर और बाहर की तरफ गणेश जी की प्रतिमा इस तरह लगाएं कि उनकी पीठ एक-दूसरे से जुड़ी हो।
आर्थिक तंगी और फिजूलखर्ची पर ऐसे लगाएं लगाम
क्या आपके पास पैसा आता तो है पर टिकता नहीं? इसके लिए अपनी तिजोरी की दिशा बदलें। घर की अलमारी या तिजोरी को इस प्रकार रखें कि उसका दरवाजा उत्तर या पूर्व दिशा की ओर खुले। इससे धन संचय में वृद्धि होती है और अनावश्यक खर्चों पर रोक लगती है। यदि घर में जल का निकास गलत दिशा में है, तो उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में एक फव्वारा (Fountain) लगाएं। यह जल संबंधी दोषों को तुरंत दूर करता है।
पारिवारिक कलह दूर करने के अचूक नुस्खे
यदि घर के सदस्यों के बीच वैचारिक मतभेद रहते हैं, तो दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) कोना आपके लिए महत्वपूर्ण है। घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में सफेद या क्रीम रंग के फूलदान में पीले रंग के फूल रखें। इससे आपसी सौहार्द बढ़ता है। भोजन करते समय थाली हमेशा दक्षिण-पूर्व में रखें और अपना मुख पूर्व की ओर रखें।
सेहत और नींद का वास्तु कनेक्शन
अच्छी सेहत के लिए सोने की दिशा और शयनकक्ष का वास्तु सही होना अनिवार्य है। बेडरूम में कभी भी दर्पण (शीशा) न लगाएं। यदि लगाना जरूरी हो, तो उसे ऐसे ढक कर रखें कि सोते समय आपका प्रतिबिंब उसमें न दिखे, अन्यथा गंभीर रोगों का खतरा रहता है। हमेशा दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोएं। यदि यह संभव न हो, तो पूर्व दिशा दूसरा सबसे अच्छा विकल्प है।
कुछ विशेष सावधानियां
ग्रेनाइट का प्रयोग न करें: अपने घर या व्यापारिक संस्थान में ग्रेनाइट पत्थर लगवाने से बचें। यह चुंबकीय प्रभाव में बाधा डालकर नकारात्मक ऊर्जा पैदा करता है।
सीढ़ियों का दोष: यदि घर की सीढ़ियां घड़ी की विपरीत दिशा (Anticlockwise) में बनी हैं, तो उनके सामने की दीवार पर एक बड़ा दर्पण लगाएं ताकि सीढ़ियों का प्रतिबिंब उसमें दिखे।
पूजा-पाठ: सुबह के समय ईशान कोण में श्री सूक्त और पुरुष सूक्त का पाठ करें और संध्या समय हनुमान चालीसा का पाठ घर में सकारात्मकता लाता है।