Edited By Sarita Thapa,Updated: 23 Sep, 2026 04:04 PM

आज 23 सितंबर को सूर्य विषुवत रेखा के ठीक ऊपर रहेगा। खगोलीय घटनाक्रम के चलते दिन और रात की अवधि लगभग बराबर यानी करीब 12-12 घंटे रहेगी। उज्जैन की शासकीय जीवाजी वेधशाला में इस खगोलीय घटना को पर्यटकों को शंकु-यंत्र और नाड़ीवलय यंत्र के माध्यम से...
Why are day and night equal today : आज 23 सितंबर को सूर्य विषुवत रेखा के ठीक ऊपर रहेगा। खगोलीय घटनाक्रम के चलते दिन और रात की अवधि लगभग बराबर यानी करीब 12-12 घंटे रहेगी। उज्जैन की शासकीय जीवाजी वेधशाला में इस खगोलीय घटना को पर्यटकों को शंकु-यंत्र और नाड़ीवलय यंत्र के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से समझाया जा रहा है। वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्रप्रकाश गुप्त के अनुसार, पृथ्वी के सूर्य की परिक्रमा करने के कारण सूर्य वर्षभर कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच उत्तर-दक्षिण दिशा में जाता हुआ दिखाई देता है। वर्ष में दो बार सूर्य विषुवत रेखा के ठीक ऊपर आता है। मार्च और सितंबर में होने वाली इस स्थिति को विषुव या संपात कहा जाता है।
23 सितंबर के बाद सूर्य की सीधी किरणों का क्षेत्र धीरे-धीरे दक्षिणी गोलार्द्ध की ओर खिसकेगा। इसके चलते उत्तरी गोलार्द्ध में दिन छोटे और रातें लंबी होने लगेंगी। सूर्य की किरणें अपेक्षाकृत तिरछी पड़ने से उनकी तीव्रता भी कम होगी और शरद ऋतु का प्रभाव दिखाई देने लगेगा। यह क्रम दिसंबर के आसपास सूर्य के दोबारा उत्तर की ओर बढ़ने तक जारी रहेगा। वेधशाला में शंकु-यंत्र से सूर्य की छाया की स्थिति और नाड़ीवलय यंत्र पर पड़ने वाले प्रकाश के जरिए इस घटना को समझाया जा रहा है। 24 सितंबर से नाड़ीवलय यंत्र के दक्षिणी भाग पर सूर्य का प्रकाश दिखाई देगा, जो करीब छह महीने तक बना रहेगा।
-विशाल ठाकुर, उज्जैन
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